पटना, 30 अप्रैल — Samrat Choudhary ने गुरुवार को अधिवेशन भवन में राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों के साथ आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला एवं समीक्षात्मक बैठक का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता राज्य में कानून का राज स्थापित करना और उसका सीधा लाभ जनता तक पहुंचाना है।
सुशासन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तभी प्रभावी माना जाएगा जब लोगों को उसका लाभ समय पर और त्वरित रूप से मिले। अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में आने वाला हर व्यक्ति सुशासन का प्रभाव महसूस करे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
निवेश और उद्योग को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार हर संभव सुविधा उपलब्ध करा रही है। 20 नवंबर तक राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि वे उद्योगपतियों को सुरक्षा और सुविधाओं की गारंटी दें, जिससे वे राज्य में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित हों।
महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘पुलिस दीदी’ पहल को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चियां सुरक्षित रूप से स्कूल आ-जा सकें।
भागलपुर घटना पर जताया दुख
Bhagalpur में कार्यपालक पदाधिकारी के साथ हुई घटना को उन्होंने दुखद बताया और कहा कि अधिकारी ने बहादुरी से अपराधियों का सामना किया। उनके आश्रितों को राज्य सरकार द्वारा 25 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा।
शराबबंदी कानून का सख्ती से पालन
मुख्यमंत्री ने Nitish Kumar द्वारा लागू शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इसे पूरी तरह समाप्त किया जाए।
शिक्षा और रोजगार पर फोकस
उन्होंने निर्देश दिया कि मॉडल स्कूलों को नेतरहाट और सिमुलतला विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाए। राज्य के सभी 533 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित करने और प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज में बेहतर पढ़ाई सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे बेहतर कार्य के जरिए और आगे बढ़ाया जा सकता है।






