नई दिल्ली, 06 जून । झारखंड के सिमडेगा जिले का प्रसिद्ध आम्रपाली आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। जिले से लगभग 1,322 किलोग्राम आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक खेप 5 जून को यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लिए रवाना की गई। यह उपलब्धि किसानों, महिला उत्पादक समूहों और कृषि निर्यात क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने इस उपलब्धि को “लोकल से ग्लोबल” अभियान का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि झारखंड के सिमडेगा जिले की महिला किसान उत्पादक कंपनी द्वारा उगाए गए आम्रपाली आम अब ब्रिटेन के उपभोक्ताओं तक पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा कि Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority के सतत प्रयासों से किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है, महिलाओं को नई पहचान मिल रही है और भारत के कृषि निर्यात को नई गति प्राप्त हो रही है। किसानों से इन उच्च गुणवत्ता वाले आमों की खरीद 42 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की गई, जो स्थानीय बाजार मूल्य की तुलना में अधिक लाभकारी रही।
एपीडा के अनुसार, ये आम झारखंड में ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ के तहत महिला किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) द्वारा उगाए गए हैं। इस पहली खेप में शामिल आमों को कोलकाता स्थित Netaji Subhas Chandra Bose International Airport के माध्यम से ब्रिटेन भेजा गया।
आम्रपाली आम अपने गहरे नारंगी गूदे, विशिष्ट मिठास और समृद्ध स्वाद के लिए देश-विदेश में लोकप्रिय माना जाता है। निर्यात की इस पहल से स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भारतीय कृषि उत्पादों की मांग को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस ऐतिहासिक निर्यात अभियान में Jharkhand State Livelihood Promotion Society के मार्गदर्शन में सिमडेगा सदर प्रखंड की महिला जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड तथा बानो प्रखंड की बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता से झारखंड के अन्य कृषि उत्पादों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए अवसर खुलेंगे और महिला किसानों की आर्थिक भागीदारी को नई मजबूती मिलेगी।






