मुख्यमंत्री ने जीविका के 2,446 नवचयनित अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- यह सिर्फ नौकरी नहीं, सामाजिक बदलाव की जिम्मेदारी

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पटना, 21 जुलाई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के विभिन्न पदों पर चयनित 2,446 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने पांच अभ्यर्थियों को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपते हुए सभी चयनित उम्मीदवारों को शुभकामनाएं दीं।

‘यह केवल नौकरी नहीं, समाज बदलने का अवसर’

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नियुक्ति केवल सरकारी नौकरी पाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की जिम्मेदारी भी है।

उन्होंने कहा कि जीविका आज केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सामाजिक परिवर्तन का व्यापक जनआंदोलन बन चुकी है।

महिला सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनी जीविका

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो दशकों में जीविका ने बिहार में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन किया है। इसकी सफलता आज देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भी प्रेरणा का विषय है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गरीब परिवार को जीविका से जोड़कर उन्हें आजीविका और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

1.81 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ीं

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में बिहार में:

  • 10.49 लाख स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं।
  • इनके माध्यम से 1.81 करोड़ से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं।
  • राज्य में 30 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो देश में सबसे अधिक संख्या है।

उन्होंने इसे महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम बताया।

महिलाओं का आर्थिक योगदान बढ़ा

सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्ष 2006-07 में राज्य की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी सीमित थी, लेकिन आज जीविका के माध्यम से उनका आर्थिक योगदान बढ़कर लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि यह बिहार में महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी, वित्तीय सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का मजबूत प्रमाण है।

गांवों के विकास से बनेगा समृद्ध बिहार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की समृद्धि का रास्ता गांवों से होकर गुजरता है। यदि गांव मजबूत होंगे, महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और गरीब परिवार आर्थिक रूप से सशक्त होंगे, तभी विकसित भारत और समृद्ध बिहार का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।

उन्होंने जीविका से जुड़ी महिलाओं से विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

लघु फिल्म का प्रदर्शन, कई गणमान्य रहे मौजूद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष जीविका की उपलब्धियों और उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जीविका के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में नवचयनित अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में चयनित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने पर राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संकल्प लिया।

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