नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश के ऑटोमोबाइल क्षेत्र ने मई 2026 में मजबूत प्रदर्शन किया। प्रमुख वाहन कंपनियों ने बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, जबकि मारुति सुजुकी और किआ इंडिया ने अपने इतिहास की सर्वाधिक मासिक बिक्री का नया रिकॉर्ड बनाया।
मारुति सुजुकी की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर
Maruti Suzuki India ने मई 2026 में अब तक की सर्वाधिक मासिक बिक्री दर्ज की। कंपनी की घरेलू बिक्री 1,93,535 इकाई रही, जो पिछले वर्ष मई में 1,38,690 इकाई थी।
वहीं कंपनी की कुल बिक्री 34.76 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,42,688 इकाई पर पहुंच गई। मई 2025 में यह आंकड़ा 1,80,077 इकाई था। यह प्रदर्शन भारतीय यात्री वाहन बाजार में कंपनी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
किआ इंडिया ने भी बनाया नया कीर्तिमान
Kia India की थोक बिक्री मई में 23.6 प्रतिशत बढ़कर 27,586 इकाई हो गई। पिछले वर्ष इसी महीने कंपनी ने 22,315 वाहन बेचे थे।
कंपनी के अनुसार भारतीय बाजार में प्रवेश के बाद यह उसकी अब तक की सर्वाधिक मासिक बिक्री है। किआ ने इस सफलता का श्रेय अपने उत्पाद पोर्टफोलियो और ग्राहकों की लगातार बढ़ती मांग को दिया है।
टोयोटा की बिक्री में सात प्रतिशत वृद्धि
Toyota Kirloskar Motor की कुल बिक्री मई में सात प्रतिशत बढ़कर 33,128 इकाई हो गई, जबकि पिछले वर्ष यह 30,864 इकाई थी।
घरेलू बिक्री चार प्रतिशत बढ़कर 30,574 इकाई रही। वहीं निर्यात में 61 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 2,554 इकाई पहुंच गया।
हुंडई की घरेलू बिक्री में मजबूती
Hyundai Motor India ने मई में 47,837 वाहनों की घरेलू बिक्री की, जो सालाना आधार पर 9.1 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी का कुल बिक्री आंकड़ा, जिसमें निर्यात भी शामिल है, 61,137 इकाई रहा। इसमें 13,300 वाहनों का निर्यात शामिल है। कुल बिक्री में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
महिंद्रा ने 99 हजार का आंकड़ा पार किया
Mahindra & Mahindra की कुल वाहन बिक्री मई में 20 प्रतिशत बढ़कर 99,636 इकाई हो गई।
कंपनी ने घरेलू बाजार में 58,021 यूटिलिटी वाहनों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। निर्यात सहित कुल यूटिलिटी वाहन बिक्री 59,573 इकाई रही।
ऑटो उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत
मई 2026 के बिक्री आंकड़े संकेत देते हैं कि भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में उपभोक्ता मांग मजबूत बनी हुई है। एसयूवी, प्रीमियम हैचबैक और बहुउद्देश्यीय वाहनों की बढ़ती मांग के साथ कंपनियां लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी महीनों में भी त्योहारी सीजन और ग्रामीण मांग के सहारे वाहन बाजार की रफ्तार बनी रह सकती है।






