पटना। बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले सियासी माहौल गर्म हो गया है। गुरुवार को राजधानी पटना में कई जगह लगे पोस्टरों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। इन पोस्टरों में लिखा है— “केसी सिन्हा तो झांकी हैं, जमानत जब्त होना अभी बाकी है।”
के.सी. सिन्हा के बीजेपी में जाने के बाद बढ़ी सियासत
दरअसल, जन सुराज पार्टी को बड़ा झटका देते हुए प्रसिद्ध गणितज्ञ प्रोफेसर के.सी. सिन्हा ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। इसके बाद यह पोस्टर वार शुरू हुआ है।
पोस्टर में प्रशांत किशोर पर निशाना
पोस्टरों में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को निशाने पर लिया गया है।
- उन्हें मुस्लिम टोपी और गमछा पहने दिखाया गया है
- हाथ में नोटों की गड्डी दिखाई गई है
- “जन सुराज” की जगह “धन सुराज” लिखा गया है
- ऊपर लिखा है: “वोट नहीं, नोट चाहिए”
किसने लगाए पोस्टर, स्पष्ट नहीं
इन पोस्टरों के नीचे “सौजन्य: बांकीपुर की जनता” लिखा है, लेकिन इन्हें किसने लगाया, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सियासी गलियारों में चर्चा तेज
पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक प्रशांत किशोर या जन सुराज पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पहले भी लगा था झटका
गौरतलब है कि हाल ही में जन सुराज पार्टी के कई नेता—जिनमें के.सी. सिन्हा और रितेश रंजन उर्फ बिट्टू सिंह शामिल हैं—पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इससे चुनाव से पहले पार्टी को बड़ा झटका माना जा रहा है।






