हजारीबाग। पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी को केरेडारी पुलिस ने गुरुवार को धरना स्थल से हिरासत में लिया था।
इसके बाद पुलिस उन्हें केरेडारी थाना ले गई। जहां रात भर दोनों को थाने में रखा। कानूनी प्रक्रिया के बाद दोनों पति – पत्नी को शुक्रवार सुबह छोड़ दिया है।
उल्लेखनीय है कि इनके खिलाफ पगार ओपी सहित कई थानों में मामले दर्ज थे। पूर्व मंत्री 31 दिसंबर 2025 से एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल माइंस में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। पुलिस ने धरना स्थल से ही उन्हें हिरासत में ले लिया था।
बता दें कि पूर्व मंत्री ने 18 जनवरी से NTPC के कोयला खदान का उत्पादन बंद प्रभावित कर रखा था। 18 फरवरी को वह अपने समर्थकों के साथ माइस को पूरी तरह बंद करा दिया था।
NTPC द्वारा की गयी शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने भीरा संख्या में पुलिस बल को तैनात किया। पुलिस बल की तैनाती के बाद खदान से उत्पादन शुरु हुआ।
लेकिन 19 फरवरी को पूर्व मंत्री फिर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठकर कोयला उत्पादन बंद करा दिया। इसके बाद वहां तैनात पुलिस बल योगेंद्र साव व उनकी पत्नी को पकड़ कर केरेडारी थाना ले गयी।





