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बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के व्यवसायिक समागम में सम्राट चौधरी का बड़ा संदेश

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पटना: Bihar Chamber of Commerce and Industries में आयोजित व्यवसायिक समागम में बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने उद्योग, निवेश, सुरक्षा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार की व्यापक योजनाओं का खाका पेश किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम का मुख्य विषय “व्यवसाय, राजनीति और विकास” रहा। इस दौरान उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री लगभग सौ वर्षों से बिहार के सामाजिक और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह संस्था केवल व्यापार तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज और राज्य के विकास को लेकर भी हमेशा गंभीर रही है।

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उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योग लगाने के लिए सबसे जरूरी चीज “विश्वास” है। निवेशकों की कमी नहीं है, लेकिन स्थानीय उद्योगपतियों और व्यापारियों का भरोसा मजबूत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार के उद्योग जगत का विश्वास बढ़ेगा तो देश और दुनिया के निवेशक स्वतः बिहार की ओर आकर्षित होंगे।

उद्योगपतियों की सुरक्षा पर सरकार का भरोसा

सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा कि उद्योगों और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने घोषणा की कि यदि कोई आपराधिक घटना होती है तो 24 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। साथ ही हर तीन महीने पर जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) उद्योगपतियों और व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक करेंगे।

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उन्होंने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है और अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता।

बिहार में निवेश और औद्योगिक विकास पर जोर

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की औद्योगिक नीतियां देश की बेहतरीन नीतियों में शामिल हैं। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार नई नीतियां ला रही है।

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उन्होंने बताया कि पुराने औद्योगिक क्षेत्रों की प्रकृति बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है, ताकि पटना जैसे क्षेत्रों में सर्विस सेक्टर, आईटी और होटल उद्योग को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने अब तक लगभग 14 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहित की है और आने वाले समय में करीब साढ़े तेरह लाख एकड़ क्षेत्र में विकास और निवेश की संभावनाएं तैयार की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य बिहार में लगभग ₹6 लाख करोड़ तक का निवेश आकर्षित करना है।

गंगा-सोन कॉरिडोर और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट

सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में बड़े स्तर पर सड़क और पुल परियोजनाओं पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब 126 किलोमीटर लंबे गंगा-सोन कॉरिडोर की बड़ी योजना तैयार की जा रही है, जिसे अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।

उन्होंने बताया कि दीघा-सोनपुर क्षेत्र, Jay Prakash Narayan Setu और Mahatma Gandhi Setu के आसपास फोर-लेन पुलों का निर्माण तेजी से चल रहा है। राघोपुर पुल परियोजना भी लगभग पूरी होने की स्थिति में है।

दक्षिण बिहार के लिए जल प्रबंधन योजना

उन्होंने कहा कि दक्षिण बिहार के सूखाग्रस्त इलाकों — अरवल, बक्सर, आरा, रोहतास और औरंगाबाद — तक गंगा का पानी पहुंचाने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य सिंचाई और पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना है।

शिक्षा और मॉडल स्कूल योजना

सम्राट चौधरी ने बिहार को फिर से ज्ञान और शिक्षा का केंद्र बनाने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के सभी 524 ब्लॉकों में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। पटना सहित सभी जिलों में आधुनिक शिक्षा संस्थान विकसित किए जाएंगे।

उन्होंने Nalanda University और Vikramshila University की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार को फिर से वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

डिजिटल बिहार और तकनीकी विकास

उन्होंने कहा कि बिहार तेजी से डिजिटल परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है। राज्य में तीन करोड़ से अधिक मोबाइल उपयोगकर्ता हैं और तकनीक के माध्यम से बिहार और विकसित राज्यों के बीच का अंतर कम किया जा सकता है।

“समग्र विकास” और सुशासन पर जोर

सम्राट चौधरी ने कहा कि “समग्र विकास” तभी संभव है जब सुशासन मजबूत हो। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से एक नई निगरानी प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत 10 दिनों तक कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को नोटिस भेजा जाएगा और 30 दिनों तक समाधान नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अंत में उन्होंने उद्योगपतियों, व्यापारियों और प्रवासी बिहारियों से बिहार में निवेश करने की अपील की और कहा कि बिहार की समृद्धि सामूहिक भागीदारी और आधुनिक सोच से ही संभव है।

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