नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में Hemant Soren ने झारखंड के समग्र विकास की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए राज्य को खनिज-आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर मैन्युफैक्चरिंग हब और नॉलेज इकोनॉमी बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी जब उसे मानव पूंजी, कौशल और रोजगार से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने राज्य में खनिजों के वैल्यू एडिशन, मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों की स्थापना और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योगों, अनुसंधान एवं नवाचार केंद्रों के विकास में सहयोग की मांग की। साथ ही टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और एग्रो-फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में बड़े निवेश को बढ़ावा देने की वकालत की।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास अभी भवन नहीं हैं, बावजूद इसके पोषण अभियान और SAAMAR कार्यक्रम के माध्यम से कुपोषण में सुधार हुआ है। राज्य सरकार अपने संसाधनों से 5 हजार नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण करा रही है और बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है।
शिक्षा क्षेत्र में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विद्यार्थियों का चयन अब IIT और मेडिकल संस्थानों में होने लगा है। राज्य सरकार 5 हजार उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने पीएम श्री विद्यालयों और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने तथा झारखंड में NCERT का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया।
कौशल विकास के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि राज्य प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ रहा है। सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। AI, EV, ड्रोन और सोलर तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जबकि 53 हजार महिलाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं और खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि राज्य में 1276 ग्रामीण दवा दुकानें संचालित हो रही हैं और AI आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने की दिशा में कार्य चल रहा है। मेडिकल कॉलेजों में UG और PG सीटों के विस्तार का प्रस्ताव भी लंबित है।
खेल क्षेत्र में झारखंड के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की मांग रखी।
कृषि, डिजिटल गवर्नेंस और केंद्र से प्रमुख मांगें
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं तथा 1.5 लाख एकड़ क्षेत्र में फलदार पौधरोपण किया गया है। झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है। उन्होंने कृषि को कुपोषण से लड़ने का प्रभावी माध्यम बताया।
डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राज्य AI आधारित CM डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर विकसित कर रहा है। DBT में पारदर्शिता और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए डेटा शेयरिंग को समयबद्ध बनाने का आग्रह भी केंद्र से किया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की शेष 6000 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी करने, कोयला कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाया भुगतान, DMFT मानकों में संशोधन तथा भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई। साथ ही PPP मोड पर प्रस्तावित छह मेडिकल कॉलेजों में शेष दो कॉलेजों की स्वीकृति और झारखंड को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी का अवसर देने की भी मांग की गई।






