पटना, 25 जुलाई। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी सरकार के ‘सेवा, संकल्प और समर्पण’ के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर राज्य की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार जनता की सरकार है और पिछले 100 दिनों में लिए गए सभी निर्णय जनहित, सुशासन और राज्य के सर्वांगीण विकास को समर्पित रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।
पटना स्थित बीआईटी मेसरा परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के विजन को साकार करने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में मिले 100 दिनों के कार्यकाल को भावुक और प्रेरणादायक बताया।
₹11,464 करोड़ की 2,476 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ₹11,464 करोड़ की लागत से 2,476 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, उद्योग, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे बिहार के संतुलित और समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
शिक्षा क्षेत्र में बड़े फैसले
सम्राट चौधरी ने कहा कि आजादी के बाद अब तक बिहार में केवल 278 डिग्री कॉलेज स्थापित हुए थे, जबकि उनकी सरकार ने एक ही दिन में 211 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की है। इसके अलावा 551 विद्यालयों को मॉडल स्कूल बनाया गया है तथा डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुत्थान के बाद अब विक्रमशिला विश्वविद्यालय के विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। साथ ही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एआई एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय, शहीद जुब्बा सहनी आर्किटेक्चर एवं इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय तथा कर्पूरी ठाकुर संस्थान में रिसर्च सेंटर की स्थापना की जाएगी।
उद्योग और निवेश पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 12 नई टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक जिले में कम से कम एक उद्योग स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है और आगामी 20 नवंबर तक ₹5 लाख करोड़ के निवेश लाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सड़क, उद्योग और मेडिकल कॉलेजों का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा। पटना में 26 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव तैयार हो चुका है, जबकि अगले तीन वर्षों में राज्य में लगभग 200 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव विकसित करने की योजना है, जिससे करीब ₹1 लाख करोड़ के निवेश की संभावना है।
चीनी मिल, इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क और स्टील हब की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में बिहार में 25 चीनी मिलें शुरू की जाएंगी। वैशाली के राजापाकर में इंडस्ट्रीज एवं इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क स्थापित किया जाएगा, जिसमें ₹20,000 से ₹30,000 करोड़ के निवेश और करीब एक लाख युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
इसके अलावा गया में लगभग 3,000 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) के तहत डेडिकेटेड स्टील प्लांट हब विकसित किया जाएगा। साथ ही गंडक और कोसी नदी के किनारे कॉरिडोर विकसित करने तथा अभियान चलाकर एक करोड़ लोगों को राशन कार्ड से जोड़ने की घोषणा भी की गई।
स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और पर्यटन पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना में जीविका टावर का निर्माण महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए आधुनिक सुविधा केंद्र के रूप में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीपीपी मॉडल के माध्यम से आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा मिल सके।
उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। साथ ही बिहार में हेली-टूरिज्म के विकास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
पत्रिका और कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार के 100 दिनों की उपलब्धियों पर आधारित पत्रिका और कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण किया। इसके अलावा परिवहन, उद्योग, सूचना एवं जनसंपर्क, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन तथा गन्ना उद्योग विभाग की प्रमुख नीतियों पर आधारित पुस्तिकाओं का भी विमोचन किया गया। सरकार के 100 दिनों के कार्यों पर आधारित वीडियो फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
कई विभागों के बीच हुए एमओयू
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग और माइक्रोसॉफ्ट के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। वहीं डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग तथा एचपीसीएल एवं आईओसीएल के बीच भी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
स्वास्थ्यकर्मियों को सौंपे गए नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत फिजीशियन, ऑर्थोपेडिक्स विशेषज्ञों और फार्मासिस्टों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।
कई वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा मुख्यमंत्री का हरित पौधा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत करने से हुई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव तथा ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






