पटना, 26 जुलाई । जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने रविवार को पत्रकार वार्ता में भाजपा पर प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने जीविका दीदियों के चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें चुनावी गतिविधियों से अलग नहीं किया गया तो जन सुराज चुनाव आयोग के समक्ष धरना देगा।
‘भाजपा पूरी ताकत झोंक रही है’
प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा ने बांकीपुर उपचुनाव में अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं और अन्य संसाधनों को पूरी ताकत के साथ लगाया है, जो लोकतंत्र में उसका अधिकार है। उन्होंने कहा कि एक उम्मीदवार को हराने के लिए भाजपा को इतनी बड़ी ताकत लगानी पड़ रही है, यह जन सुराज और बांकीपुर की जनता की लोकतांत्रिक जीत है।
प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रशासन का इस्तेमाल कर जन सुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही है। किशोर ने दावा किया कि उनके समर्थकों के ठहरने वाले होटलों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, जबकि भाजपा नेताओं के ठहरने वाले स्थानों पर ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा नेताओं के रहने और खाने के खर्च की जांच क्यों नहीं की जा रही।
जीविका दीदियों की भूमिका पर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि जीविका दीदियों का इस्तेमाल मतदाता जागरूकता के नाम पर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है। उनका दावा है कि महिलाओं के बीच यह संदेश फैलाया जा रहा है कि यदि वे भाजपा या राजग के पक्ष में मतदान नहीं करेंगी तो उन्हें मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो सकता है।
चुनाव आयोग को दी चेतावनी
उन्होंने कहा कि जन सुराज के प्रतिनिधिमंडल ने दो बार चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की है और रविवार को भी चुनाव पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) से मिलने का कार्यक्रम है। किशोर ने कहा कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर जीविका दीदियों को चुनावी प्रक्रिया से अलग नहीं किया गया, तो जन सुराज चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर धरना देगा।
चुनावी निष्पक्षता पर जोर
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अर्ध-सरकारी कर्मियों को चुनावी गतिविधियों में शामिल करना लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी निष्पक्षता के विरुद्ध है।






