पश्चिमी सिंहभूम: जिले में वाहन चोरी के एक बड़े संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पश्चिमी सिंहभूम और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 25 से 30 लाख रुपये बताई जा रही है।
हाल के वर्षों की सबसे बड़ी बरामदगी
पुलिस के अनुसार, जिले में हाल के वर्षों में यह वाहन चोरी के मामलों में सबसे बड़ी बरामदगी है। मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
गुप्त सूचना पर बनी रणनीति
पुलिस अधीक्षक अमित रेणु को सूचना मिली थी कि नोवामुंडी थाना क्षेत्र में चोरी की मोटरसाइकिलों का अवैध कारोबार चल रहा है। इसके बाद किरीबुरु अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
इसी दौरान जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना की पुलिस भी एक वाहन चोर की तलाश में उसी क्षेत्र में पहुंची थी। दोनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त रणनीति बनाकर छापेमारी शुरू की।
आरोपी से पूछताछ में खुला राज
छापेमारी के दौरान डुकासाई क्षेत्र से सोनू लोहरा उर्फ भोला (20) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने गिरोह से जुड़ी कई अहम जानकारियां दीं, जिसके आधार पर आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया गया।
जंगलों में छिपाकर रखी जाती थीं बाइक
पुलिस ने डुकासाई, टोंटोगाढ़ा, टाटीबा बिरहोर टोला और आसपास के जंगलों से कुल 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। जांच में सामने आया कि गिरोह चोरी की बाइक को जंगलों और ग्रामीण इलाकों में छिपाकर रखता था। बाद में नंबर प्लेट बदलकर या कम कीमत पर बेचने की योजना बनाई जाती थी।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है:
- सोनू लोहरा उर्फ भोला (20), बिरसानगर, जमशेदपुर
- राज पुरती (23), छोटानागरा थाना क्षेत्र, पश्चिमी सिंहभूम
कई जिलों तक फैला नेटवर्क
पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जिसका नेटवर्क कई जिलों तक फैला हो सकता है। बरामद वाहनों की जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि ये किन-किन क्षेत्रों से चोरी किए गए थे।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस अभियान में किरीबुरु एसडीपीओ बिनित कुमार किंडो, पुलिस निरीक्षक बासुदेव मुंडा, नोवामुंडी थाना प्रभारी नयन कुमार सिंह, किरीबुरु थाना प्रभारी रोहित कुमार, बड़ा जामदा ओपी प्रभारी बालेश्वर उरांव समेत कई पुलिस अधिकारियों और जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निष्कर्ष
पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से वाहन चोरी के संगठित गिरोहों पर कड़ी चोट मानी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे।






