गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले में कुख्यात भू-माफिया गंगदयाल यादव के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए औपचारिक प्रस्ताव भेजा गया है।
42 करोड़ से अधिक की संदिग्ध संपत्ति का खुलासा
पुलिस जांच में गंगदयाल यादव और उसके परिजनों के नाम पर 42 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियों का खुलासा हुआ है। पूछताछ के दौरान वह इन संपत्तियों का वैध स्रोत नहीं बता सका। पुलिस का मानना है कि यह संपत्ति अवैध जमीन कारोबार, रंगदारी और जालसाजी के जरिए अर्जित की गई है।
आपराधिक मामलों का लंबा इतिहास
गंगदयाल यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी, धोखाधड़ी और अवैध कब्जे जैसे दर्जनों गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। वह लंबे समय से गोपालगंज और आसपास के इलाकों में दहशत का पर्याय बना हुआ था।
राजनीतिक संरक्षण के आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि उसे मजबूत राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। इसी के बल पर उसका गिरोह कमजोर लोगों की जमीनों पर कब्जा करता था। उसका नेटवर्क गोपालगंज से लेकर पटना तक फैला हुआ बताया जा रहा है।
जेल में बंद, स्पीडी ट्रायल के निर्देश
गंगदयाल यादव 5 अप्रैल से गोपालगंज जेल में बंद है। उसके खिलाफ नगर थाने में कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसपी विनय तिवारी ने सभी मामलों की समीक्षा करते हुए स्पीडी ट्रायल के निर्देश दिए हैं।
ED के तहत कुर्की की तैयारी
प्रस्ताव मंजूर होते ही ED और EOU प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई शुरू करेंगे। इसके तहत आरोपी की अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
सड़क उखाड़ने का मामला भी चर्चा में
गंगदयाल यादव पर हजियापुर रोड स्थित एक सरकारी पीपीसी सड़क को जेसीबी से उखाड़ने का भी आरोप है। उसने सड़क को अपनी निजी जमीन बताने की कोशिश की थी, जिस पर अदालत ने कड़ी फटकार लगाई थी।
आम लोगों की सुरक्षा पर जोर
एसपी विनय तिवारी ने कहा कि आम नागरिकों की जमीन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
“आम नागरिकों और उनकी जमीन की सुरक्षा के लिए संगठित अपराध के खिलाफ यह सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा।”
निष्कर्ष
गंगदयाल यादव के खिलाफ हो रही यह कार्रवाई बिहार में भू-माफियाओं पर बड़ी चोट मानी जा रही है। ED और EOU की एंट्री के बाद इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।






