नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर राहत भरी खबर सामने आई है। भारत के आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में अप्रैल महीने में 1.7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में यह वृद्धि दर एक फीसदी रही थी, जबकि मार्च में यह 1.2 फीसदी दर्ज की गई थी।
सीमेंट, इस्पात और बिजली क्षेत्र का बेहतर प्रदर्शन
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि को मुख्य रूप से सीमेंट, इस्पात और बिजली क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन से बल मिला।
आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में सीमेंट उत्पादन में सालाना आधार पर सबसे अधिक 9.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद इस्पात उत्पादन में 6.2 फीसदी और बिजली उत्पादन में 4.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
पांच क्षेत्रों में गिरावट दर्ज
हालांकि, अप्रैल महीने में पांच प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन घटा है। इनमें कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और उर्वरक क्षेत्र शामिल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इन क्षेत्रों में गिरावट ऊर्जा और कमोडिटी चेन के कुछ हिस्सों में बनी कमजोरी को दर्शाती है।
औद्योगिक उत्पादन में अहम भूमिका
उल्लेखनीय है कि देश के ये आठ बुनियादी उद्योग औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 40.27 फीसदी हिस्सेदारी रखते हैं। इनमें कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली क्षेत्र शामिल हैं।
इन क्षेत्रों के प्रदर्शन का सीधा असर देश की औद्योगिक गतिविधियों और आर्थिक विकास पर पड़ता है।






