रांची, 30 अप्रैल— झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने आरोप लगाया है कि राज्य में अधिकारियों के तबादले अब सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गए हैं, बल्कि यह एक संगठित कारोबार का रूप ले चुके हैं।
सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब जिलों में नियुक्त नए एसपी और उपायुक्त मुख्यमंत्री को गुलदस्ता भेंट करते हैं, तो यह केवल औपचारिकता नहीं होती, बल्कि इसके पीछे ‘लेन-देन’ की प्रक्रिया पूरी होने का संकेत होता है।
दलालों के नेटवर्क का आरोप
उन्होंने दावा किया कि स्थिति अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि तबादलों में दलालों के माध्यम से वसूली का खेल खुलेआम चल रहा है। मरांडी के अनुसार, प्रशासनिक व्यवस्था पर अब दलालों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
हालिया घटना का जिक्र
नेता प्रतिपक्ष ने एक हालिया घटना का हवाला देते हुए कहा कि एक दलाल की पिटाई इसलिए कर दी गई क्योंकि कथित रूप से रकम ‘सही’ व्यक्ति तक नहीं पहुंची थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का प्रशासन अब अधिकारियों के बजाय दलालों के नियंत्रण में जाता दिख रहा है।






