पटना : बिहार में खेल अवसंरचना को मजबूत करने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। गुरुवार को विकास भवन, पटना में खेल मंत्री Shreyasi Singh की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डुमरी स्पोर्ट्स सिटी, जिला उत्कृष्टता केंद्र, पंचायत स्तरीय खेल विकास, खिलाड़ियों को रोजगार और राज्य की भावी खेल कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विकास आयुक्त Mihir Kumar Singh, शिक्षा एवं खेल विभाग के सचिव Vinod Singh Gunjiyal, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक Ravindran Shankaran सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
डुमरी स्पोर्ट्स सिटी बनेगी खेल विकास का नया केंद्र
बैठक में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली डुमरी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना की समीक्षा की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 574 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि से संबंधित प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा जा चुका है।
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि डुमरी स्पोर्ट्स सिटी बिहार के खेल विकास का नया केंद्र बनेगी और भविष्य में खेल प्रशिक्षण, खेल उद्योग तथा अन्य सहायक गतिविधियों के विस्तार की व्यापक संभावनाएं तैयार करेगी।
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि परियोजना को राष्ट्रीय स्तर की आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने के लिए विशेषज्ञ परामर्शदाताओं की सेवाएं ली जाएंगी तथा इसकी मासिक समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
15 जून से शुरू होंगे तीन नए जिला उत्कृष्टता केंद्र
बैठक में निर्णय लिया गया कि अरवल, मधेपुरा और किशनगंज में जिला उत्कृष्टता केंद्र (District Centre of Excellence) का संचालन 15 जून से शुरू होगा।
- अरवल में कबड्डी
- मधेपुरा में बैडमिंटन
- किशनगंज में ताइक्वांडो
के लिए आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
इसके अलावा सिवान, मुंगेर और जमुई में फुटबॉल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि खिलाड़ियों के चयन और प्रशिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव
बैठक में खिलाड़ियों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया। इसके तहत ओलंपिक पदक विजेताओं के साथ-साथ भारतीय पुरुष और महिला वरिष्ठ क्रिकेट टीम में चयनित खिलाड़ियों को भी “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” योजना में शामिल करने की तैयारी है।
प्रस्ताव स्वीकृत होने पर ऐसे खिलाड़ियों को लेवल-9 की सरकारी नौकरी का लाभ मिल सकेगा।
राजगीर में होंगे अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन
राज्य के खेल कैलेंडर की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नवंबर 2026 में Rajgir में भारत-न्यूजीलैंड रग्बी श्रृंखला आयोजित करने की तैयारी चल रही है।
इसके अलावा—
- जुलाई-अगस्त 2026 में खेलो इंडिया अस्मिता जोनल महिला भारोत्तोलन प्रतियोगिता
- 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय भाला फेंक दिवस
- दिसंबर 2026 में एफआईएच प्रो लीग
के आयोजन की भी तैयारी की जा रही है।
40 हजार दर्शक क्षमता वाला बनेगा राजगीर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
भवन निर्माण विभाग के अनुसार राजगीर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसे 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
करीब 1,121 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 40 हजार दर्शकों की क्षमता वाला आधुनिक स्टेडियम विकसित किया जा रहा है। स्टेडियम का पवेलियन तैयार हो चुका है, जबकि अन्य दर्शक दीर्घाओं का निर्माण कार्य जारी है।
5,266 खेल मैदान तैयार
बैठक में बताया गया कि राज्य की 8,053 पंचायतों में से 4,700 पंचायतों में अब तक 5,266 खेल मैदान तैयार किए जा चुके हैं। शेष पंचायतों में भी प्राथमिकता के आधार पर खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।
खेल विश्वविद्यालय और स्पोर्ट्स एक्शन प्लान पर जोर
शिक्षा एवं खेल विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि राज्य में 4,818 शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि लगभग 17,000 शिक्षकों को योग प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित स्पोर्ट्स एक्शन प्लान में फिजिकल लिटरेसी रिपोर्ट कार्ड, वैज्ञानिक प्रतिभा पहचान कार्यक्रम, प्रशिक्षक प्रमाणन, फिट कैंपस चैलेंज, एकीकृत वेलनेस पोर्टल, खेल विनिर्माण हब और डोपिंग जागरूकता कार्यक्रम जैसी पहलें शामिल हैं।
साथ ही, निकट भविष्य में Bihar Sports University के माध्यम से खेल पत्रकारिता से संबंधित विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना भी है।
बिहार को अग्रणी खेल राज्य बनाने का लक्ष्य
बैठक के अंत में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने और राज्य को देश के अग्रणी खेल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।






