तेहरान/वाशिंगटन, 08 मई । ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रहे शांति प्रयासों के बावजूद तेहरान से लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य तक तनाव तेज हो गया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी सेना ने उसके तेल टैंकरों और दक्षिणी क्षेत्रों में हवाई हमले किए हैं।
ईरान का अमेरिका पर हमला करने का आरोप
ईरानी सेना के अनुसार अमेरिकी वायुसेना ने बंदर खमीर, सिरिक और केशम द्वीप के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया। इसके अलावा फुजैराह बंदरगाह के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर भी हमला किया गया। ईरान ने दावा किया कि उसने इन हमलों का “माकूल जवाब” दिया है।
अमेरिकी सेना ने बताया आत्मरक्षा
अमेरिकी सेना की संयुक्त राज्य सेंट्रल कमांड ने कहा कि कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई। अमेरिका के अनुसार ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल, ड्रोन और तेज रफ्तार नौकाओं से हमला किया था, जिसके जवाब में ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी ठिकानों पर हमले को “प्यार भरा थप्पड़” बताया। उन्होंने कहा कि सैन्य विराम प्रभावी है और युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत जारी है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ तो और कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता
शिपिंग इंटेलिजेंस फर्म लॉयड्स लिस्ट के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य अब बंद हो गया है। ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी और मंजूरी के लिए नई एजेंसी बनाने की बात कही है।

तेल की कीमतों में उछाल
तनाव बढ़ने के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। युद्ध शुरू होने से पहले यह कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी।
तेहरान और बंदर अब्बास में धमाके
रिपोर्टों के अनुसार तेहरान में कई धमाके सुने गए और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किया गया। वहीं बंदर अब्बास और मीनाब इलाके में भी जोरदार विस्फोट हुए। ईरानी अधिकारियों ने नौसैनिक अड्डों और जहाजों पर हमलों की पुष्टि की है।
ईरान का जवाब
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य विदेशी दबाव के सामने नहीं झुकेगा और हर स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार है।






