बिहार में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा, AI से तैयार होंगे योजनाओं के एस्टीमेट; मुख्यमंत्री ने परियोजना निगरानी पोर्टल किया लॉन्च

Share

पटना, 06 अगस्त । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल तकनीक के माध्यम से बिहार के विधायकों एवं विधान पार्षदों का क्षमता वर्द्धन किया जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से तकनीक के अधिकाधिक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि इससे जनता से बेहतर संवाद और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

बिहार विधान सभा के विस्तारित भवन में आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत परियोजना निगरानी प्रणाली वेब पोर्टल का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन भी किया।

शासन और विकास में एआई की बढ़ती भूमिका

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 20-25 वर्ष पहले कंप्यूटर का उपयोग सीमित था, लेकिन आज एआई और डिजिटल तकनीक शासन, प्रशासन और विकास की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि समय के साथ तकनीक को नहीं अपनाया गया तो विकास की दौड़ में पीछे रहना पड़ेगा।

योजनाओं में पारदर्शिता और लागत में बचत

मुख्यमंत्री ने बताया कि विकास योजनाओं के एस्टीमेट तैयार करने में भी एआई का उपयोग किया जा सकता है। भवन निर्माण विभाग के एक एस्टीमेट की एआई से जांच करने पर 5 से 7 प्रतिशत तक लागत में बचत हुई है। उन्होंने कहा कि बचाई गई राशि का उपयोग अन्य विकास कार्यों में किया जा सकता है।

डिजिटल पहल से प्रशासनिक दक्षता में सुधार

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं में एआई का उपयोग कर रही है, जिसमें सहयोग कार्यक्रम और 1 करोड़ पात्र लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शामिल है। साथ ही, 60 लाख किसानों को डिजिटल आईडी से जोड़ने के लक्ष्य के साथ डिजिटल सर्वे भी कराया जा रहा है।

शिक्षा और तकनीकी विकास पर जोर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। मुजफ्फरपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है, जिससे तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

जनप्रतिनिधियों के प्रशिक्षण पर बल

उन्होंने कहा कि मंत्रियों, विधायकों और विधान पार्षदों के साथ-साथ उनके सहयोगियों को भी समय-समय पर एआई, कंप्यूटर और सोशल मीडिया के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे तकनीकी रूप से सक्षम बन सकें और जनता की बेहतर सेवा कर सकें।

कृषि और ग्रामीण विकास में तकनीक का उपयोग

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार के सभी पंचायतों में मौसम केंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से 70 से 80 प्रतिशत तक सटीक मौसम पूर्वानुमान मिल रहा है। यह तकनीक कृषि और ग्रामीण विकास के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है।

कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति

कार्यक्रम में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, मंत्रीगण, विधायकगण, विधान पार्षदगण तथा कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
November 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30