पटना, 07 मई — विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्पन्न स्थिति और यातायात बहाली को लेकर पटना में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल ने की।
बीआरओ और आईआईटी पटना की टीम ने लिया हिस्सा
बैठक में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ), आईआईटी पटना की टीम, पुल विशेषज्ञ आलोक भौमिक और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बेली ब्रिज और ट्रस ब्रिज पर चर्चा
बैठक में क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत, डिजाइन, टाइमलाइन और यातायात बहाली की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जल्द यातायात शुरू करने के लिए बेली ब्रिज और ट्रस ब्रिज निर्माण जैसे विकल्पों पर तेजी से काम किया जा रहा है।
आंशिक रूप से जल्द शुरू होगा आवागमन
सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि लोगों की परेशानी को देखते हुए बीआरओ की मदद से शीघ्र ही बेली ब्रिज बनाया जाएगा, ताकि आंशिक रूप से यातायात बहाल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि विक्रमशिला सेतु भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र के लोगों के लिए लाइफलाइन है, इसलिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।
दो महीने में ट्रस ब्रिज निर्माण का लक्ष्य
सचिव ने बताया कि बेली ब्रिज के साथ-साथ दो लेन वाले ट्रस ब्रिज का निर्माण भी समानांतर रूप से किया जाएगा। इसे दो महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पुल में पैदल यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था भी होगी।
आईआईटी पटना कर रहा सेफ्टी ऑडिट
आईआईटी पटना की टीम पूरे विक्रमशिला सेतु का सेफ्टी ऑडिट कर रही है। इसकी रिपोर्ट तीन सप्ताह में आने की उम्मीद है, जिसके बाद भविष्य की मरम्मत और मजबूती को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरम्मत और यातायात बहाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य अभियंता और तकनीकी टीमों को लगातार स्थल पर कैंप करने का निर्देश दिया गया है।






