पटना: भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु पर यातायात जल्द बहाल करने को लेकर पथ निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को विभागीय सभागार में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत, वैकल्पिक यातायात व्यवस्था और शीघ्र यातायात बहाली पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO), आईआईटी पटना की टीम, पुल तकनीकी विशेषज्ञ आलोक भौमिक तथा विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान सचिव ने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त स्पैन से उत्पन्न स्थिति और उसके समाधान को लेकर विस्तृत जानकारी ली। प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अधिकारियों ने मरम्मत कार्य, डिजाइन, टाइमलाइन और यातायात बहाली की रणनीति से अवगत कराया। इस दौरान बेली ब्रिज और ट्रस ब्रिज निर्माण जैसे त्वरित विकल्पों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि लोगों की परेशानी को देखते हुए BRO की सहायता से जल्द ही बेली ब्रिज का निर्माण कराया जाएगा, ताकि आंशिक रूप से यातायात शुरू किया जा सके। सचिव ने कहा कि विक्रमशिला सेतु भागलपुर और आसपास के जिलों के लिए लाइफलाइन है, इसलिए यातायात बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि बेली ब्रिज के साथ-साथ दो लेन वाले ट्रस ब्रिज का निर्माण भी समानांतर रूप से किया जाएगा। इस पुल में पैदल यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था होगी और इसे दो महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सचिव ने यह भी जानकारी दी कि आईआईटी पटना की टीम द्वारा पूरे विक्रमशिला सेतु का सेफ्टी ऑडिट किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट तीन सप्ताह के भीतर मिलने की उम्मीद है, जिसके आधार पर भविष्य की मरम्मत और सेतु की मजबूती को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
बैठक के अंत में सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरम्मत और यातायात बहाली के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मुख्य अभियंता समेत संबंधित टीमों को लगातार स्थल पर कैंप करने का निर्देश भी दिया।






