रांची। राजधानी स्थित ऑड्रे हाउस में शुक्रवार को “सांसद सांस्कृतिक महोत्सव-सह-स्वदेशी मेला-2026” का भव्य शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस महोत्सव का उद्घाटन संतोष कुमार गंगवार और हेमन्त सोरेन ने संयुक्त रूप से किया।
स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि “स्वदेशी” केवल वस्तुओं तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की भावना है।

उन्होंने कहा कि झारखंड की असली ताकत उसकी सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय कारीगरों के हुनर में है। साथ ही केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को इस पहल के लिए बधाई दी।
प्रतिभा और संस्कृति का संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अब केवल खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और बौद्धिक पहचान के लिए भी जाना जा रहा है। उन्होंने युवाओं की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।
मेले में दिखा स्वदेशी रंग
उद्घाटन के बाद अतिथियों ने मेले में लगे स्टॉलों का निरीक्षण किया। हस्तनिर्मित वस्त्र, मिट्टी के बर्तन, बांस की कलाकृतियां और पारंपरिक आभूषण आकर्षण का केंद्र रहे।

संतोष कुमार गंगवार ने कारीगरों के कौशल की सराहना करते हुए इसे ‘वोकल फॉर लोकल’ की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
लोक संस्कृति की झलक
महोत्सव में पारंपरिक लोक नृत्य और गीतों की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को झारखंडी रंग में रंग दिया।

कई गणमान्य रहे मौजूद
इस अवसर पर आदित्य साहू, दीपक प्रकाश, नवीन जायसवाल और रोशनी खलखो समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

यह महोत्सव अगले दो दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें राज्यभर के कलाकार अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे।






