आगरा। देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय पारिवारिक दौरे पर आगरा पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार के साथ प्रसिद्ध कैलाश मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं से वोटर आईडी बनवाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कैलाश मंदिर में किया भगवान शिव का पूजन
मंगलवार को परिवार के साथ कैलाश मंदिर पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न होने के बाद वह अपनी पत्नी अनुराधा के साथ माता-पिता का आशीर्वाद लेने अपनी मातृभूमि आए हैं।
उन्होंने कहा कि माता-पिता का आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने कैलाश मंदिर में महादेव के दर्शन किए और देश की खुशहाली एवं लोकतंत्र की मजबूती की कामना की।
मतदाताओं से वोटर आईडी बनवाने की अपील
मीडिया से बातचीत में ज्ञानेश कुमार ने नागरिकों से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने और वोटर आईडी कार्ड बनवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों के लिए शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा, “एक शुद्ध मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनावों की नींव होती है। सभी नागरिकों को मतदान प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपना योगदान देना चाहिए।”
पैतृक आवास पहुंचकर लिया माता-पिता का आशीर्वाद
मुख्य चुनाव आयुक्त सोमवार शाम आगरा स्थित विजय नगर कॉलोनी में अपने पैतृक आवास पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपनी माता सत्यवती और पिता डॉ. सुबोध गुप्ता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इसके बाद वह आगरा के जिलाधिकारी आवास भी पहुंचे। उल्लेखनीय है कि उनके दामाद मनीष बंसल हाल ही में आगरा के जिलाधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जबकि उनकी बेटी मेधा रूपम वर्तमान में नोएडा में जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
दो दिवसीय दौरे के बाद दिल्ली लौटेंगे
पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त मंगलवार शाम दिल्ली के लिए रवाना होंगे। उनके इस दौरे को निजी एवं पारिवारिक यात्रा के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इस दौरान उन्होंने मतदाता जागरूकता को लेकर महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने का संदेश
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मतदान को अपना अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्य भी समझें और चुनाव प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।






