नई दिल्ली, 27 अप्रैल। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ताकत और बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सात सांसदों के विलय को सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद उच्च सदन में भाजपा सांसदों की संख्या 106 से बढ़कर 113 हो गई है।
सात सांसदों को मिली आधिकारिक मान्यता
राज्यसभा सचिवालय द्वारा सोमवार को जारी अद्यतन सूची में इन सातों सांसदों के नाम भाजपा की सूची में शामिल कर दिए गए। अब ये सभी औपचारिक रूप से भाजपा संसदीय दल का हिस्सा बन चुके हैं।
भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, अशोक कुमार मित्तल, संदीप कुमार पाठक, डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं।
किरेन रिजिजू ने दी प्रतिक्रिया
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि सभापति ने विलय को स्वीकार कर लिया है और अब ये सभी सांसद भाजपा संसदीय दल के सदस्य हैं। उन्होंने इन नेताओं की कार्यशैली की सराहना करते हुए इसे सकारात्मक राजनीति का उदाहरण बताया।

भाजपा को मिलेगा रणनीतिक लाभ
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस घटनाक्रम से राज्यसभा में भाजपा की स्थिति और मजबूत होगी और महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने में पार्टी को रणनीतिक लाभ मिल सकता है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को भी इससे मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।





