पटना: जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की अहम बैठक आगामी 21 जून को पटना के कर्पूरी सभागार में आयोजित होने जा रही है। पार्टी के लिहाज से यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेष बात यह है कि लंबे समय बाद ऐसी स्थिति बनी है, जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहते हुए पार्टी की इस बड़ी संगठनात्मक बैठक का नेतृत्व करेंगे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोजित हो रही इस बैठक में अगले तीन वर्षों के लिए नीतीश कुमार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के प्रस्ताव पर औपचारिक स्वीकृति दी जा सकती है। इसके अलावा पार्टी के विस्तार, संगठन को मजबूत करने और भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से जदयू के राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष, सांसद तथा बिहार सरकार के मंत्री शामिल होंगे। माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा और बिहार विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी अपने राजनीतिक एजेंडे और चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।
इधर, जदयू की इस बैठक से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल के दिनों में उनकी सार्वजनिक सक्रियता बढ़ी है, जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी संगठन में उन्हें कोई नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में जदयू की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
ऐसे में 21 जून को होने वाली यह बैठक न सिर्फ संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि इससे जदयू की भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर भी कई संकेत मिल सकते हैं।





