विलुप्पुरम। तमिलनाडु के प्रसिद्ध कूवागम उत्सव-2026 में चेन्नई की ओमना को “मिस तिरुनंगई 2026” का खिताब दिया गया। इस आयोजन में एक हजार से अधिक ट्रांसजेंडर प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर अपनी सांस्कृतिक पहचान और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में सायश्री और सुगी रहीं उपविजेता
इस प्रतियोगिता में चेन्नई की सायश्री दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि सुगी ने तीसरा स्थान हासिल किया। विजेताओं के नाम की घोषणा होते ही पूरा आयोजन स्थल तालियों और उत्साह से गूंज उठा।
कूथांडवर मंदिर में होती है विशेष परंपरा
यह उत्सव कूथांडवर मंदिर से जुड़ा है, जहां हर साल तिरुनंगई (ट्रांसजेंडर) समुदाय द्वारा सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष भी राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर महासंघ और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित हुआ।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम की शुरुआत ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए किए गए कल्याणकारी कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुई। इसके बाद शिक्षा और रोजगार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की परेड निकाली गई। नृत्य, लोककला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।
“मिस तिरुनंगई” प्रतियोगिता रही मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “मिस तिरुनंगई 2026” प्रतियोगिता रही, जिसमें प्रतिभागियों ने पारंपरिक और आधुनिक परिधानों में अपनी प्रस्तुति दी। कई चरणों में हुई इस प्रतियोगिता में आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और प्रतिभा के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।
सामाजिक समावेश का संदेश
इस मौके पर पूर्व मंत्री के. पोनमुडी ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय समाज का अभिन्न हिस्सा है और उन्हें समानता व सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने ‘तिरुनंगई’ शब्द को सम्मानजनक पहचान दी और 2008 में ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की स्थापना भी की।
उन्होंने कहा कि कूवागम उत्सव न केवल सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकार, पहचान और सम्मान का महत्वपूर्ण मंच भी है, जो समाज में समावेशिता और सकारात्मक बदलाव का संदेश देता है।






