भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में एक बार फिर कोरोना वायरस का मामला सामने आया है। तिलकामांझी क्षेत्र के एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान लालूचक निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। मरीज को पिछले कई दिनों से बुखार, सर्दी-खांसी, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत थी।
अस्पताल में भर्ती, हालत में सुधार
आरटीपीसीआर जांच में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद मरीज को मायागंज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। कोरोना संक्रमित मरीज ने कोविड वैक्सीन की दो डोज ली थी। वैक्सीन के कारण शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी रहने से बीमारी से लड़ने में सहायता मिली है। डॉक्टरों के अनुसार मरीज की हालत पहले गंभीर थी और ऑक्सीजन लेवल 72 प्रतिशत तक गिर गया था, लेकिन अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि मरीज पिछले 15 दिनों से बीमार था और कहीं बाहर नहीं गया था। आशंका है कि संपर्क में आए लोगों से संक्रमण फैला हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, घबराने की जरूरत नहीं
सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने कहा कि संक्रमण की स्थिति पर विभाग लगातार नजर रखे हुए है और फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह इस वर्ष जिले में मिला पहला कोविड केस है।
मरीज ने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज ली थी, जिससे शरीर में एंटीबॉडी बनी हुई है और बीमारी से लड़ने में मदद मिल रही है। आगे और मामले मिलने पर वायरस के वेरिएंट की जांच के लिए सैंपल भेजे जाएंगे।
चीन में बढ़े केस, विभाग सतर्क
बताया जा रहा है कि जून और जुलाई के शुरुआती दिनों में चीन में करीब 79 हजार कोविड मामले सामने आए हैं, जिनमें ओमिक्रॉन वेरिएंट शामिल है। ऐसे में भारत में भी सतर्कता बढ़ाई जा रही है।
रिपोर्ट मांगी गई, जांच जारी
स्वास्थ्य विभाग ने मरीज की पूरी रिपोर्ट मांगी है। मायागंज अस्पताल में दोबारा आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी, जिसके बाद विस्तृत जानकारी सामने आएगी।
पहले भी झेल चुका है महामारी का दौर
भागलपुर में कोरोना का पहला मामला अप्रैल 2020 में सामने आया था। अप्रैल 2020 से जुलाई 2022 के बीच जिले में करीब 29,580 लोग संक्रमित हुए और 366 लोगों की मौत हुई। हालांकि व्यापक वैक्सीनेशन के बाद स्थिति में सुधार आया था, लेकिन अब नए मामले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।






