रामगढ़, 15 मई । रामगढ़ जिले के पतरातू थाना क्षेत्र में हुए कामेश्वर पांडे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।
अमन श्रीवास्तव और उसके सहयोगी लखन साव को जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विभिन्न धाराओं में सुनाई गई सजा
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इसके अलावा धारा 120 (बी) के तहत भी दोनों को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। वहीं आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत सात वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माना नहीं जमा करने की स्थिति में दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
वर्चस्व कायम करने के लिए की गई थी हत्या
जानकारी के अनुसार, वृद्ध कामेश्वर पांडे की हत्या पतरातू सब्जी बाजार में की गई थी। पुलिस जांच और अदालत में पेश गवाहों के आधार पर यह सामने आया कि क्षेत्र में दहशत और वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से हत्या करवाई गई थी।
सुनवाई के दौरान पुलिस की रिपोर्ट और कई गवाह अदालत में पेश किए गए। सभी सबूतों के आधार पर अदालत ने 7 मई को अमन श्रीवास्तव और लखन साव को दोषी करार दिया था।
होटवार जेल में बंद है अमन श्रीवास्तव
अमन श्रीवास्तव वर्तमान में होटवार जेल में बंद है। बताया गया कि उसने ऐसे वृद्ध व्यक्ति की हत्या करवाई, जिसका किसी भी आपराधिक मामले से कोई संबंध नहीं था।
इस मामले में पवन किशोर पांडे ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अमन श्रीवास्तव और लखन साव को नामजद आरोपित बनाया था।






