पटना : Ram Kripal Yadav की अध्यक्षता में शुक्रवार को बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड और राज्य के सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारी बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन, ऋण वितरण, ऋण वसूली और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मंत्री ने सहकारी बैंकों को सशक्त बनाने, एनपीए (NPA) नियंत्रण और किसानों व स्वयं सहायता समूहों को ऋण विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास में सहकारी बैंकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और सरकार इन्हें मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस दौरान मंत्री ने बैंक की दो नई योजनाओं — “नारी समृद्धि योजना” और “नारी शक्ति स्वरोजगार योजना” का शुभारंभ किया। “नारी समृद्धि योजना” महिलाओं की वित्तीय आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जबकि “नारी शक्ति स्वरोजगार योजना” के तहत महिला उद्यमियों को ब्याज दरों में विशेष छूट दी जाएगी।
बैठक में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (SHG) और संयुक्त देयता समूहों (JLG) को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही पैक्सों के माध्यम से किसानों को अधिकाधिक किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा के दौरान मंत्री ने बढ़ते एनपीए पर चिंता जताते हुए ऋण वसूली में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने बैंक ऋण लेकर फरार होने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और वसूली अभियान तेज करने को कहा।
बैठक में “गोल्ड लोन” और बैंक की बीमा योजनाओं के विस्तार के लिए विशेष अभियान चलाने, साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति ग्राहकों को जागरूक करने और आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
मंत्री ने सहकारी बैंकों को व्यवसाय विविधीकरण की दिशा में काम करने का निर्देश देते हुए नई शाखाएं खोलने और बैंकिंग सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही CBS अपग्रेडेशन के बाद IFSC, मोबाइल बैंकिंग और IMPS जैसी आधुनिक सेवाएं जल्द शुरू करने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में Dharmendra Singh, Abhay Kumar Singh, Manoj Kumar Singh और Ramesh Chandra Chaubey समेत विभाग और बैंक के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






