सुपौल: जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन परिसर में शनिवार को 217 प्रशिक्षु जवानों का भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। कठोर प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन जवानों ने पुलिस सेवा में शामिल होते हुए ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्व निभाने की शपथ ली।
डीआईजी का संदेश: वर्दी जिम्मेदारी का प्रतीक
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डीआईजी कुमार आशीष ने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जनता के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने जवानों से जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
संवेदनशीलता और अनुशासन पर जोर
डीआईजी ने कहा कि एक अच्छे पुलिसकर्मी की पहचान केवल अपराध नियंत्रण से नहीं, बल्कि पीड़ितों की सहायता, कमजोर वर्गों की सुरक्षा और समाज में विश्वास कायम करने से होती है। उन्होंने जवानों को हर परिस्थिति में धैर्य, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का संदेश दिया।
आकर्षक परेड का प्रदर्शन
दीक्षांत समारोह के दौरान प्रशिक्षु जवानों ने शानदार परेड का प्रदर्शन किया। अनुशासित कदमताल और सटीक प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने अपने प्रशिक्षण के दौरान अर्जित दक्षता, टीम भावना और आत्मविश्वास का परिचय दिया, जिसे उपस्थित अधिकारियों और दर्शकों ने सराहा।
आधुनिक पुलिसिंग पर जोर
डीआईजी ने कहा कि बदलते समय में पुलिसकर्मियों के लिए तकनीक, डिजिटल माध्यमों और आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों की जानकारी आवश्यक है। तकनीक के प्रभावी उपयोग से पुलिस व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।

प्रशिक्षण में शामिल रहे विभिन्न विषय
प्रशिक्षण के दौरान जवानों को शारीरिक दक्षता, कानून की जानकारी, हथियार संचालन, आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, मानवाधिकार, अपराध अनुसंधान और यातायात प्रबंधन जैसे विषयों का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवान सम्मानित
समारोह में प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को सम्मानित भी किया गया।
अधिकारियों की मौजूदगी
इस अवसर पर जिलाधिकारी सावन कुमार, पुलिस अधीक्षक सारथ आर.एस. सहित कई वरीय अधिकारी, प्रशिक्षक, जवानों के परिजन और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उपस्थित थे।
अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इन 217 नए जवानों के शामिल होने से जिले की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।






