किशनगंज, 06 अगस्त। किशनगंज लोकसभा क्षेत्र की लंबित रेल परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं को लेकर सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने केंद्रीय रेल मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र में रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लंबित योजनाओं को जल्द पूरा कराने की मांग की है।
दो रेल ओवर ब्रिज निर्माण की मांग
सांसद ने किशनगंज शहर में रेलवे समपार फाटक संख्या एसके-313 और एसके-314 पर लगातार लगने वाले जाम की समस्या को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने दोनों स्थानों पर जल्द से जल्द रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन रेलवे फाटकों के बंद रहने से रोजाना लंबा जाम लग जाता है, जिससे छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सांसद ने रेलवे और बिहार सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आरओबी निर्माण की प्रक्रिया को गति देने का आग्रह किया है।
गलगलिया रेलवे स्टेशन के विकास पर जोर
ज्ञापन में सीमावर्ती क्षेत्र के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन गलगलिया के विकास का मुद्दा भी उठाया गया है। सांसद ने कहा कि नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमा से जुड़े होने के कारण गलगलिया स्टेशन का व्यावसायिक और सामरिक महत्व काफी अधिक है।
उन्होंने ट्रेन संख्या 15723/15724 और 75705/75706 का गलगलिया स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने, लिंकिंग यार्ड के निर्माण और स्टेशन के आधुनिकीकरण की मांग की है।
किशनगंज और ठाकुरगंज स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
सांसद ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किशनगंज और ठाकुरगंज रेलवे स्टेशनों पर चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया है।
उन्होंने दोनों स्टेशनों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने और उन्हें आरपीएफ नियंत्रण कक्ष से जोड़ने का सुझाव दिया, ताकि यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
सीमांचल के विकास के लिए जरूरी है बेहतर रेल नेटवर्क
डॉ. मोहम्मद जावेद ने कहा कि किशनगंज लोकसभा क्षेत्र पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार है। नेपाल, पश्चिम बंगाल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े इस क्षेत्र में मजबूत रेल नेटवर्क क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति और लागत से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने का भी अनुरोध किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई होती है तो सीमांचल क्षेत्र के लाखों यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों और सीमावर्ती इलाकों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।






