पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया में मौसम विभाग द्वारा डोप्लर वेदर रडार (DWR) लगाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके शुरू होने के बाद पूर्णिया, सीमांचल समेत करीब 100 किलोमीटर के दायरे में मौसम का सटीक पूर्वानुमान 2 से 3 घंटे पहले मिल सकेगा। इससे वज्रपात से होने वाली मौतों और फसलों के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
2-3 घंटे पहले मिलेगी चेतावनी
मौसम विभाग के स्टेशन इंचार्ज बीरेंद्र कुमार ने बताया कि यह रडार तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश की सटीक जानकारी ब्लॉक और पंचायत स्तर तक पहुंचाएगा। इससे लोग समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकेंगे और किसान अपनी फसल को बचा सकेंगे।
वज्रपात और फसल क्षति पर लगेगा अंकुश
क्षेत्र में अक्सर वज्रपात की घटनाएं होती हैं, जिनमें कई लोगों की जान चली जाती है। इसके अलावा, कटे हुए अनाज को खेत में रखने के दौरान अचानक बारिश से किसानों को भारी नुकसान होता है। DWR रडार के जरिए इन दोनों समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।
“पूर्णिया में DWR रडार लगाया जा रहा है, जो 2-3 घंटे पहले मौसम का पूर्वानुमान दे सकता है और 100 किलोमीटर तक के क्षेत्र की जानकारी देगा।”
— बीरेंद्र कुमार, स्टेशन इंचार्ज, मौसम विभाग
बंगाल और झारखंड को भी होगा फायदा
यह रडार सिर्फ सीमांचल ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखंड के कुछ हिस्सों तक भी मौसम की निगरानी करेगा। इससे सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर सटीक जानकारी मिल सकेगी।
वैज्ञानिकों की राय
सहायक वैज्ञानिक राकेश कुमार के अनुसार, इस रडार के चालू होने के बाद वज्रपात से होने वाली मौतों में कमी आएगी और किसानों की फसलें सुरक्षित रहेंगी।
“आने वाले दिनों में वज्रपात से मौतें कम होंगी और फसल भी सुरक्षित रहेगी।”
— राकेश कुमार, सहायक वैज्ञानिक
जल्द शुरू होगा संचालन
मौसम विभाग के अनुसार रडार लगाने का काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही इसे पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा। इसके बाद क्षेत्र के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने लगेगा।
जन सुरक्षा और कृषि के लिए अहम कदम
पूर्णिया में DWR रडार की स्थापना सीमांचल क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा। समय पर चेतावनी मिलने से जहां लोगों की जान बचेगी, वहीं किसानों की मेहनत भी सुरक्षित रहेगी।






