पटना, 04 जून: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सड़कों और पुलों के निर्माण एवं रख-रखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुणवत्ता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को सुरक्षित, सुगम और गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नियमित रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
समयबद्ध तरीके से पूरी हों परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों और पुलों के निर्माण एवं अनुरक्षण के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जाए, ताकि सभी परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हो सकें।
पुलों का नियमित निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट
उन्होंने राज्य के सभी पुलों का विशेषज्ञों द्वारा नियमित निरीक्षण कराने और निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।
गंगा पथ फोरलेन परियोजना पर विशेष जोर
मुंगेर (सफियाबाद) बरियारपुर-घोरघट-सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर फोरलेन गंगा पथ परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड के तहत तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, जिससे पूर्वी बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत हो और क्षेत्र के आर्थिक एवं पर्यटन विकास को गति मिल सके।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद पथ निर्माण विभाग पर गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। यह कदम राज्य में बेहतर बुनियादी ढांचा विकसित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।






