भागलपुर, 04 जून: जिले में कोल ब्लॉक (कोयला भंडार) की खोज को औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा मजबूती
डीएम ने कहा कि यह खोज न केवल ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाएगी, बल्कि जिले में बड़े निवेश और उद्योगों की स्थापना के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। उन्होंने बताया कि भागलपुर अब उद्योगों के लिए अनुकूल परिस्थितियों वाला जिला बनकर उभर रहा है।
संसाधनों से समृद्ध जिला
जिलाधिकारी ने बताया कि
- जिले में कोयला भंडार की उपलब्धता
- गंगा नदी के रूप में प्रचुर जल संसाधन
- ऊर्जा उत्पादन के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना
पहले से मौजूद है, जो औद्योगिक विकास को गति देने में सहायक होंगे।
एनटीपीसी और नए पावर प्लांट का लाभ
उन्होंने कहा कि कहलगांव स्थित एनटीपीसी देश के प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्रों में से एक है। इसके अलावा पीरपैंती में एक और बड़े पावर प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया जारी है।
ऐसे में स्थानीय स्तर पर कोयले का उपयोग संभव होगा, जिससे ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों को विशेष बल मिलेगा।
परियोजना पर सरकार की नजर
डीएम ने बताया कि कोल ब्लॉक विकास से जुड़ी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं पर राज्य सरकार लगातार निगरानी रख रही है। मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है और सभी आवश्यक रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
निवेशकों के लिए ‘गोल्डन चांस’
उन्होंने कहा कि यह परियोजना निवेशकों के लिए “गोल्डन चांस” साबित होगी। कहलगांव क्षेत्र पहले से औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है और अब कोल ब्लॉक, एनटीपीसी और प्रस्तावित पावर प्लांट के साथ यह क्षेत्र बड़े औद्योगिक निवेश का केंद्र बन सकता है।
रोजगार और विकास को बढ़ावा
डीएम ने कहा कि कोल ब्लॉक की खोज जिले में
- रोजगार के अवसर बढ़ाएगी
- आर्थिक विकास को गति देगी
- औद्योगिक प्रगति को नया आयाम देगी
भागलपुर में कोयला भंडार की खोज आने वाले वर्षों में जिले की विकास यात्रा को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।






