पटना: बिहार कैडर के कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की एक साथ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से कहीं अधिक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। नई सरकार के गठन से ठीक पहले केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना ने राज्य की नौकरशाही और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।
जारी सूची के अनुसार, आईएएस वंदना प्रेयसी को फर्टिलाइजर विभाग में ज्वाइंट सेक्रेटरी बनाया गया है, जबकि आईपीएस राकेश राठी को केंद्रीय गृह मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा आईएएस श्रवनन एम को स्पेस विभाग और आईएएस अनुपम कुमार को ऊर्जा मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि अनुपम कुमार मुख्यमंत्री के सचिव भी रह चुके हैं, ऐसे में उनका केंद्र में जाना प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी क्रम में आईएएस प्रतिमा एस वर्मा को मिनिस्ट्री ऑफ ट्राइबल अफेयर्स में कमिश्नर बनाया गया है। अनुपम कुमार और प्रतिमा वर्मा, दोनों को एक साथ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की मंजूरी मिलना इस बात का संकेत है कि केंद्र स्तर पर उन्हें दीर्घकालिक और अहम जिम्मेदारियों के लिए चुना गया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह केवल पहली सूची है और जल्द ही दूसरी सूची भी जारी हो सकती है, जिसमें कई और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल होने की संभावना है। राज्य सरकार पहले ही आधे दर्जन से अधिक अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए स्वीकृति दे चुकी थी, जिससे यह प्रक्रिया पूर्व निर्धारित मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम को बिहार में संभावित नई सरकार के गठन से जोड़कर देखा जाना चाहिए। इससे राज्य की नौकरशाही में बड़े पैमाने पर फेरबदल संभव है और नई सरकार अपने अनुरूप प्रशासनिक टीम तैयार कर सकती है।
कुल मिलाकर, यह प्रतिनियुक्ति न केवल अधिकारियों के करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि बिहार की प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है।






