पटना, 08 जून — मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में भूमि मापी शुल्क में वृद्धि, रोजगार मिशन, बाढ़ प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जलापूर्ति और सिंचाई परियोजनाओं सहित कई अहम निर्णय लिए गए।
ज़मीन मापी शुल्क में बढ़ोतरी
कैबिनेट ने रैयती भूमि की मापी के लिए नई शुल्क दरों को मंजूरी दी है।
सामान्य मापी शुल्क
- शहरी क्षेत्रों (नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत) में प्रति खेसरा 2,000 रुपये तथा अधिकतम 8,000 रुपये।
- ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति खेसरा 1,000 रुपये तथा अधिकतम 4,000 रुपये।
तत्काल मापी शुल्क
- शहरी क्षेत्रों में प्रति खेसरा 4,000 रुपये तथा अधिकतम 16,000 रुपये।
- ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति खेसरा 2,000 रुपये तथा अधिकतम 8,000 रुपये।
जी-रामजी योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने “विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (जी-रामजी योजना)” को मंजूरी दी। यह योजना 1 जुलाई से लागू होगी और रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ाने पर केंद्रित होगी।
सासामुसा चीनी मिल के लिए सहायता
गोपालगंज स्थित सासामुसा चीनी मिल के पुनः संचालन और गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के लिए 42.99 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई।
बाढ़ प्रबंधन और नदी परियोजनाएं
- वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बाढ़ प्रबंधन कार्यों पर 400.66 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी।
- भू-अर्जन मद में 250 करोड़ रुपये स्वीकृत।
- सीमा क्षेत्रों में नदी प्रबंधन गतिविधियों के लिए 120 करोड़ रुपये मंजूर।
सिंचाई परियोजना की लागत बढ़ी
मुंगेर जिले के खड़गपुर में मनी और सिंधवारणी नदियों के संगम पर गेटेड बैराज एवं नहर पुनर्स्थापना परियोजना की लागत बढ़ाकर 196.89 करोड़ रुपये कर दी गई है। इस परियोजना से 671 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 3662 करोड़ रुपये
राज्य की छह सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत मई, जून और जुलाई माह के भुगतान के लिए 3662.97 करोड़ रुपये की अग्रिम स्वीकृति दी गई है।
भ्रष्टाचार के आरोप में अधिकारी बर्खास्त
समस्तीपुर के तत्कालीन जिला अवर निबंधक मणिरंजन को भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
स्वास्थ्य संस्थानों पर नया नियम लागू
बिना बेड वाले ओपीडी क्लीनिक, डिस्पेंसरी, डेंटल क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटरों को बिहार राज्य नैदानिक स्थापना नियमावली के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है।
15 वर्ष पुराने सरकारी वाहन होंगे स्क्रैप
कैबिनेट ने 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहनों को स्क्रैप करने संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की।
जल जीवन मिशन 2.0 को सैद्धांतिक मंजूरी
राज्य में जल जीवन मिशन 2.0 लागू करने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। साथ ही मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से संबंधित नियमों में संशोधन और आयु सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं को मंजूरी
- हाजीपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 131.88 करोड़ रुपये।
- बेगूसराय सीवरेज नेटवर्क एवं एसटीपी निर्माण के लिए 375.86 करोड़ रुपये।
- सहरसा जलापूर्ति योजना के लिए 127.45 करोड़ रुपये।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में आधारभूत संरचना, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, सिंचाई और शहरी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






