रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां आज युवा शिक्षा, खेल और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों युवाओं की भागीदारी इस सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है।
नक्सलवाद के खिलाफ विकास की जीत
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को विकास और जनविश्वास की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने माओवाद और नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया था और अब उसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
पहले भय और अविश्वास का माहौल
उन्होंने कहा कि एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोग भय के साये में जीवन जीते थे। विकास कार्यों को आगे बढ़ाना बेहद कठिन था। सड़क निर्माण, संचार सुविधाओं और अन्य परियोजनाओं का हिंसक विरोध किया जाता था। कई बार निर्माण सामग्री जला दी जाती थी और ठेकेदारों को धमकाकर भगा दिया जाता था।
विकास कार्यों ने बदली तस्वीर
प्रधानमंत्री के अनुसार, सरकार ने इन चुनौतियों के बावजूद विकास को प्राथमिकता दी। बीते वर्षों में हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण, मोबाइल टावरों की स्थापना और दूरदराज के गांवों तक संचार सुविधाओं का विस्तार किया गया। बैंकिंग, डाक सेवाओं और वित्तीय समावेशन के जरिए लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा गया।
सुरक्षा के साथ विश्वास पर जोर
उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा बलों के दम पर नहीं, बल्कि आम लोगों के विश्वास को मजबूत करके लड़ी गई। सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और लोकतंत्र में भरोसा बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
मुख्यमंत्री ने भी बदलाव को सराहा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘नेशन फर्स्ट’ दृष्टिकोण, दूरदर्शी नेतृत्व और सुरक्षा बलों के साहस ने बस्तर सहित पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है।
उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का माहौल था, वहां आज विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है।






