दोहा: कतर के रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बरज़ान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में रविवार रात हुए भीषण धमाके में 12 भारतीय नागरिकों सहित कुल 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 66 लोग घायल हो गए। भारतीय दूतावास के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है और उनका इलाज जारी है।
मृतकों के शव भारत भेजने की तैयारी
भारतीय दूतावास ने बताया कि मृतकों के पार्थिव शरीरों को जल्द भारत भेजने के लिए कतर प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है।
मेंटेनेंस के बाद फिर शुरू हुआ था प्लांट
यह हादसा ऐसे समय हुआ जब बरज़ान गैस प्लांट को दिसंबर 2025 से मेंटेनेंस के लिए बंद रखने के बाद महज दो दिन पहले ही दोबारा चालू किया गया था।
कब और कैसे हुआ हादसा
ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री और कतर एनर्जी के सीईओ साद शेरिदा अल-काबी के अनुसार, यह धमाका 21 जून की रात करीब 10:30 बजे हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक दुर्घटना थी, किसी तरह की तोड़फोड़ या साजिश का मामला नहीं है।
कई देशों के लोग घायल
घायलों में कतर, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, केन्या, ईरान, तंजानिया, नाइजीरिया और नेपाल के नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक किसी भी घायल की स्थिति गंभीर नहीं है।
राहत और बचाव कार्य
हादसे के बाद कतर एनर्जी की इमरजेंसी टीम और सिविल डिफेंस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
कतर का प्रमुख औद्योगिक केंद्र
रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी, दोहा से लगभग 80 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है और कतर के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक हब में से एक है, जहां करीब 1.15 लाख लोग काम करते हैं।
गैस सप्लाई में अहम भूमिका
2022 में शुरू हुआ बरज़ान कॉम्प्लेक्स घरेलू गैस सप्लाई का प्रमुख स्रोत है। यह बिजली उत्पादन, डिसैलिनेशन प्लांट और उद्योगों को प्रतिदिन लगभग 1.4 बिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट गैस की आपूर्ति करता है। इसके अलावा यह इथेन, कंडेनसेट और सल्फर जैसे हाइड्रोकार्बन उत्पादों की भी सप्लाई करता है।
फिलहाल इस हादसे की जांच जारी है और इसके कारणों का जल्द खुलासा होने की उम्मीद है।






