झारखंड का ऐतिहासिक पलामू किला होगा फिर से जीवंत, 60 करोड़ की योजना तैयार, 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य

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पलामू, 06 जून: झारखंड के ऐतिहासिक पलामू किला के जीर्णोद्धार कार्य को जल्द शुरू करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। इसको लेकर राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र सिंह ने शनिवार को पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से रांची स्थित उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की।

डीपीआर तैयार, 50-60 करोड़ खर्च का अनुमान

बैठक के दौरान पर्यटन मंत्री ने पलामू किला के जीर्णोद्धार से संबंधित प्रस्तावित योजना का पावरपॉइंट प्रस्तुतिकरण दिखाया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किया जा रहा है। अनुमान है कि किले के जीर्णोद्धार पर 50 से 60 करोड़ रुपये तक खर्च होंगे। डीपीआर तैयार होने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

2028 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर हाल में वर्ष 2028 तक किले के जीर्णोद्धार का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने इस परियोजना को क्षेत्र के पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा है पलामू किला

वित्त मंत्री ने बैठक में किले के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पलामू किला व्याघ्र अभयारण्य क्षेत्र में स्थित है। इसका निर्माण 1628 में चेरो वंश के राजा प्रताप राय ने कराया था। बाद में 1658 में राजा मेदीनिराय ने नए किले का निर्माण शुरू किया, जो अधूरा रह गया।

लाइट एंड साउंड शो और पर्यटन योजनाएं

जीर्णोद्धार के बाद किले का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और यहां लाइट एंड साउंड शो शुरू करने की भी योजना है। इसके अलावा, क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ट्राइबल होम-स्टे जैसी योजनाएं भी प्रस्तावित हैं, ताकि पर्यटक स्थानीय आदिवासी संस्कृति और जीवनशैली को करीब से जान सकें।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि पलामू किला के विकास से न केवल ऐतिहासिक धरोहर संरक्षित होगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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