गया: जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम घोषित हो गया है और बिहार के गया जिले के शुभम कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की है। शुभम ने 360 में से 330 अंक प्राप्त कर देशभर में पहला स्थान हासिल किया।
जेईई मेन में भी किया था कमाल
शुभम इससे पहले जेईई मेन 2026 के दोनों सत्र (जनवरी और अप्रैल) में 100 पर्सेंटाइल हासिल कर टॉपर्स की सूची में शामिल रहे थे। उनके इस निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें एडवांस्ड में भी शीर्ष स्थान दिलाया।
परिवार में खुशी का माहौल
गया शहर के वार्ड संख्या 38 स्थित नादरगंज ब्राह्मणी घाट के निवासी शुभम की सफलता से परिवार और इलाके में खुशी का माहौल है। फिलहाल वे कोटा (राजस्थान) में अपने कोचिंग संस्थान के साथ इस सफलता का जश्न मना रहे हैं।
उनके पिता शिव कुमार शहर के व्यवसायी हैं। उन्होंने बताया कि शुभम शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहा है और हमेशा अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहा।
पढ़ाई का अनुशासन बना सफलता की कुंजी
शुभम ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और अनुशासन को दिया। उन्होंने बताया कि
- 10वीं से पहले ही रोजाना 10 घंटे पढ़ाई शुरू कर दी थी
- 12वीं में यह समय 12 घंटे तक पहुंच गया
- जेईई की तैयारी के दौरान वे 15 घंटे तक पढ़ाई करते थे
हालांकि, मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए वे बीच-बीच में ब्रेक लेकर दोस्तों के साथ समय भी बिताते थे।
12वीं में भी शानदार प्रदर्शन
शुभम ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में 96.8% अंक हासिल किए थे। उन्होंने बताया कि 10वीं तक उन्होंने कोई ट्यूशन नहीं लिया और सेल्फ-स्टडी के जरिए मजबूत आधार तैयार किया।

कोटा में तैयारी और स्कॉलरशिप
शुभम ने एक साल ऑनलाइन और एक साल ऑफलाइन तैयारी की। उन्होंने एलन करियर इंस्टीट्यूट के टैलेंट हंट एग्जाम में सफलता हासिल कर स्कॉलरशिप प्राप्त की और कोटा में रहकर तैयारी की।
आईआईटी मुंबई में दाखिले का सपना
शुभम का सपना आईआईटी मुंबई में पढ़ाई करना है, जो अब साकार होने जा रहा है। उनका लक्ष्य सिर्फ इंजीनियरिंग पूरी करना नहीं, बल्कि पढ़ाई के दौरान कोई बड़ा नवाचार करना है।
परिवार का मिला पूरा सहयोग
शुभम की बड़ी बहन प्रिया कुमारी भी आईआईटी पटना में कंप्यूटर साइंस की छात्रा हैं। परिवार ने हमेशा उनकी पढ़ाई में सहयोग दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अन्य छात्रों के लिए संदेश
शुभम ने अन्य छात्रों को संदेश देते हुए कहा,
“जो छात्र इस बार सफल नहीं हो पाए हैं, वे निराश न हों। मेहनत जारी रखें और अपने लक्ष्य पर ध्यान दें, सफलता जरूर मिलेगी।”
मेहनत और लगन की मिसाल
शुभम कुमार की सफलता यह दिखाती है कि लगातार मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।






