गया: Gaya में दारोगा भर्ती मुख्य परीक्षा के दौरान हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक 27 मई को आयोजित Bihar Police Subordinate Services Commission की दारोगा बहाली मुख्य परीक्षा के दौरान यह खेल चल रहा था। गयाजी शहर के 10 परीक्षा केंद्रों को निशाना बनाकर ब्लूटूथ और वॉकी-टॉकी के जरिए अभ्यर्थियों तक सवालों के जवाब पहुंचाए जा रहे थे।
रामपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार आशुतोष कुमार पासवान के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र के अंदर मौजूद अभ्यर्थी मुकेश कुमार प्रश्न बाहर भेज रहा था। बाहर बैठे गिरोह के सदस्य सवाल हल कर जवाब ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए वापस पहुंचा रहे थे।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने ‘XYZ’ नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा था, जो पूरे नकल सिंडिकेट का कंट्रोल रूम बना हुआ था। इसी ग्रुप में प्रश्न साझा किए जाते थे और सॉल्वर अर्जुन कुमार उत्तर भेजता था।
गिरफ्तार आरोपित आशुतोष ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात परीक्षार्थी मुकेश कुमार से उसके रिश्तेदार अमन के जरिए हुई थी। इसके बाद सभी ने मिलकर परीक्षा में नकल कराने की योजना बनाई थी।
मामले की जांच में जुटी पुलिस अब 14 संदिग्ध मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे पूरे रैकेट के नेटवर्क और बाकी सदस्यों की भूमिका का खुलासा होगा।
रामपुर थानाध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है। जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर गुरु प्रसाद पंडित को सौंपी गई है।
फिलहाल पुलिस ने मुकेश कुमार, अर्जुन कुमार, प्रमोद कुमार, अमन और दीपक समेत पांच अन्य आरोपितों की पहचान कर ली है। सभी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। साथ ही परीक्षार्थी के खिलाफ आयोग स्तर पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।






