पटना: बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि 18 जून को मतदान होगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिया जाएगा।
खाली हो रही सीटों पर चुनाव
इन सीटों में वे स्थान शामिल हैं जो जून माह में खाली हो रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा के विधायक बनने के कारण दो सीट पहले से ही खाली हैं। इसके अलावा सात अन्य सदस्यों का कार्यकाल जून में समाप्त हो रहा है।
साथ ही, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई एक सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम इस प्रकार है:
- 1 जून: अधिसूचना जारी
- 8 जून: नामांकन की अंतिम तिथि
- 9 जून: नामांकन पत्रों की जांच
- 11 जून: नाम वापसी की अंतिम तिथि
- 18 जून: मतदान (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)
- 18 जून: शाम 5 बजे परिणाम घोषित
राजनीतिक समीकरण
विधानसभा में संख्याबल के आधार पर एनडीए की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। राज्य में एनडीए के पास 201 विधायक हैं, जिससे उसे 9 सीटों पर जीत की संभावना है।
वहीं विपक्ष में आरजेडी के 25 विधायक हैं और अन्य दलों को मिलाकर कुल 41 विधायक हैं। ऐसे में यदि कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो एक सीट विपक्ष के खाते में जा सकती है।
किन सीटों पर चुनाव
28 जून को जिन नौ सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मोहम्मद फारूक, भीष्म सहनी, संजय प्रकाश, समीर कुमार सिंह और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं।
सम्राट चौधरी और भगवान सिंह कुशवाहा पहले ही विधायक बनने के कारण अपनी सीट छोड़ चुके हैं।
दलों का संभावित समीकरण
जिन 10 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें:
- 5 सीटें जदयू की
- 2 सीटें भाजपा की
- 2 सीटें राजद की
- 1 सीट कांग्रेस की मानी जा रही है
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि भाजपा को लाभ होता है तो इसका असर राजद और कांग्रेस पर पड़ सकता है।
उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया जारी
एनडीए की ओर से स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का विधान परिषद में जाना लगभग तय माना जा रहा है।
उम्मीदवारों के चयन को लेकर जदयू में लगातार बैठकें हो रही हैं, जबकि भाजपा नेतृत्व भी इस संबंध में मंथन कर रहा है।






