–साइबर अपराध के खिलाफ अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता
जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने करमाटांड़ और नारायणपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
एसपी के निर्देश पर गठित हुई थी विशेष टीम
पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह के निर्देश पर साइबर अपराध थाना की विशेष टीम गठित की गई थी। सह थाना प्रभारी राजेश मंडल और मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की।
15 मोबाइल, लैपटॉप और नकदी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड, 4 एटीएम कार्ड, 2 लैपटॉप और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि ये सामान साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जाते थे।
करमाटांड़ और नारायणपुर में हुई कार्रवाई
सबसे पहले करमाटांड़ थाना क्षेत्र के मट्टांड़ गांव में विष्णु मंडल के घर पर छापा मारा गया, जहां दो आरोपियों को कथित तौर पर साइबर ठगी करते हुए पकड़ा गया। इसके बाद सियाटांड़ और झिलुवा जंगल क्षेत्र में कार्रवाई कर एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
इसी क्रम में नारायणपुर थाना क्षेत्र के लोकनियां गांव स्थित किशोर दास के घर पर भी छापा मारा गया, जहां से दो और साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
बैंक अधिकारी बनकर करते थे ठगी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को डेबिट और क्रेडिट कार्ड बंद होने का डर दिखाते थे। इसके बाद वे लोगों से गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर खातों से पैसे उड़ा लेते थे।
बिजली बिल और डिजिटल पेमेंट के नाम पर भी ठगी
गिरोह बिजली विभाग के अधिकारी बनकर बिजली बिल भुगतान के नाम पर भी लोगों को जाल में फंसाता था। आरोपी PhonePe और Google Pay जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ठगी को अंजाम देते थे।
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों में करमाटांड़ के विष्णु मंडल और सचिन मंडल, नारायणपुर के सागर नायक और किशोर दास तथा पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर निवासी विश्वजीत दास शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक विश्वजीत दास लोकनियां गांव में रहकर पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था।
पहले भी दर्ज हैं साइबर ठगी के मामले
पुलिस ने बताया कि आरोपी सागर नायक और किशोर दास के खिलाफ पहले भी साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला होने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।






