पलामू, 05 जून । तदाशा मिश्रा शुक्रवार को पलामू दौरे पर पहुंचीं। रांची से सड़क मार्ग से पहुंचने के बाद उन्होंने सर्किट हाउस और फिर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और नक्सल विरोधी अभियानों की विस्तृत समीक्षा की।
तीन जिलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
एसपी कार्यालय सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में नरेंद्र कुमार सिंह, अजय लिंडा, किशोर कौशल, कपिल चौधरी, कुमार गौरव और आशुतोष शेखर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
झारखंड की डीजीपी बनने के बाद तदाशा मिश्रा का यह पहला पलामू दौरा है।
नक्सलवाद, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा पर फोकस
समीक्षा बैठक में संगठित अपराध, नक्सली गतिविधियों, नशाखोरी, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को बेहतर समन्वय, मजबूत खुफिया तंत्र और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने नक्सलियों और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की सराहना करते हुए शेष नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील भी की। साथ ही अफीम की खेती और साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
गायब बच्चों की तलाश के लिए बनेगी एसआईटी
पत्रकारों से बातचीत के दौरान डीजीपी ने बताया कि गढ़वा के दो और लातेहार के एक लापता बच्चे की बरामदगी के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन मामलों को गंभीरता से लिया गया है और बच्चों की जल्द से जल्द तलाश कर उन्हें सुरक्षित बरामद करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
रामपुर मामले पर पुलिस की नजर
तदाशा मिश्रा ने रामपुर में भूमि विवाद और निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद कार्यक्रम आयोजित किए जाने से जुड़े सवाल पर कहा कि पूरे मामले पर पुलिस की लगातार नजर है। क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सभी अधिकारी युवा, मेहनती और बेहतर कार्य करने की इच्छा रखने वाले हैं तथा अपने-अपने जिलों में प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं।






