बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच रालोमो और भाजपा के बीच नजदीकियों की चर्चा, कुशवाहा ने किया इनकार
पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के भारतीय जनता पार्टी में संभावित विलय की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की ओर से रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को पार्टी विलय का प्रस्ताव दिए जाने की चर्चा है। कहा जा रहा है कि इसके तहत उनके पुत्र दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने और मंत्री पद बनाए रखने का आश्वासन भी शामिल हो सकता है।
बेटे को पहले ही मिल चुका है मंत्री पद
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में रालोमो कोटे से दीपक प्रकाश को पंचायती राज मंत्री बनाया गया था, जबकि वे उस समय किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। 2025 के चुनाव के बाद गठित कैबिनेट में यह प्रतिनिधित्व रालोमो के लिए अहम माना गया था।
बदले समीकरण, बढ़ी हलचल
वर्तमान में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। जल्द होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार को देखते हुए भाजपा सहयोगी दलों के साथ नई रणनीति पर काम कर रही है।
रालोमो विधायकों में नाराजगी की चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि रालोमो के चार में से तीन विधायक पार्टी नेतृत्व की नीतियों से नाराज हैं। इससे पार्टी के अंदरूनी समीकरण भी प्रभावित हो रहे हैं और इसे संभावित विलय की एक वजह माना जा रहा है।
कुशवाहा ने किया साफ इनकार
हालांकि, इन तमाम अटकलों को उपेंद्र कुशवाहा ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में इस तरह की चर्चाएं आम होती रहती हैं और उन्हें किसी औपचारिक प्रस्ताव की जानकारी नहीं है।
फिलहाल, बिहार की सियासत में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब सभी की नजरें आगामी मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हैं, जिससे इन अटकलों की सच्चाई सामने आ सकती है।





