–रांची सिविल कोर्ट ने सुनाया फैसला
रांची : रांची सिविल कोर्ट ने डीएवी कपिलदेव स्कूल की नर्सिंग स्टाफ के साथ छेड़खानी और यौन उत्पीड़न मामले में स्कूल के तत्कालीन प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।
अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने दोषी मनोज कुमार सिन्हा पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सुनवाई पूरी होने के बाद सुरक्षित रखा गया था फैसला
इससे पहले अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद मनोज कुमार सिन्हा को दोषी करार दिया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
पीड़िता की ओर से अधिवक्ता खुशबू कटारुका और शुभम कटारुका ने अदालत में पक्ष रखा।
मई 2022 में दर्ज हुआ था मामला
मामला मई 2022 का है, जब डीएवी कपिलदेव स्कूल की एक महिला नर्स ने तत्कालीन प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा पर यौन उत्पीड़न और अश्लील मांग करने का आरोप लगाया था।
पीड़िता ने अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मनोज कुमार सिन्हा को निलंबित कर दिया गया था।
जमानत मिलने के बाद धमकाने का आरोप
नवंबर 2022 में मनोज कुमार सिन्हा को झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी। हालांकि, पीड़िता ने आरोप लगाया था कि जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने धमकाने और दबाव बनाने की कोशिश की।
इसके बाद पीड़िता ने उच्च न्यायालय में उनकी जमानत रद्द करने की मांग की थी। अदालत ने अपील स्वीकार करते हुए पूर्व में दी गई जमानत रद्द कर दी थी।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
मनोज कुमार सिन्हा ने उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया।
जांच पूरी होने के बाद दाखिल हुई थी चार्जशीट
मामले के जांच अधिकारी ने जांच पूरी कर 25 जुलाई 2022 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। अब अदालत के फैसले के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।





