मोतिहारी में जाली नोट का बड़ा खेल बेनकाब: ‘5 हजार दो, 15 हजार लो’ गैंग का खुलासा, 1 करोड़ के संदिग्ध नोट जब्त

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मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भोपतपुर गांव में पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए जाली नोट और ठगी के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि भारी मात्रा में संदिग्ध सामान बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी कार्रवाई

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन SDPO जितेश पांडेय के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें दो प्रशिक्षु डीएसपी, पांच थानों की पुलिस, जिला आसूचना इकाई (DIU) और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने कई घंटों तक अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

1 करोड़ के संदिग्ध नोट, सोना और हथियार बरामद

छापेमारी के दौरान करीब 1 करोड़ रुपये के संदिग्ध जाली नोट, 13 लाख रुपये नकद, 38 सोने के बिस्किट (फाइन व रोल गोल्ड), हथियार, कारतूस और एक वाहन बरामद होने की सूचना है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन बरामदगियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी सामान की जांच जारी है।

‘5 हजार दो, 15 हजार लो’ का झांसा

पूछताछ में ठगी का एक चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। आरोपी लोगों को लालच देते थे कि 5 हजार रुपये देने पर 15 हजार रुपये के नोट मिलेंगे, जो बाजार में आसानी से चल जाएंगे।

पहले असली नोट देकर जीतते थे भरोसा

गिरोह पहले लोगों का भरोसा जीतने के लिए शुरुआती लेन-देन में असली नोट देता था। जब पीड़ित को भरोसा हो जाता था, तो वह ज्यादा रकम लेकर दोबारा संपर्क करता था।

‘Children Bank’ के नकली नोट से ठगी

दूसरी या तीसरी बार बड़ी रकम देने पर आरोपी नोटों की गड्डी देते थे, जिसमें ऊपर-नीचे असली नोट और बीच में ‘Children Bank’ लिखे नकली नोट भरे होते थे। पैकिंग इतनी सटीक होती थी कि पहली नजर में गड्डी असली लगती थी।

नकली पुलिस बनकर लूट

यदि कोई व्यक्ति बड़ी डील के लिए आता था, तो उसे सुनसान जगह पर बुलाया जाता था। वहां गिरोह के सदस्य पुलिस की वर्दी पहनकर छापेमारी का नाटक करते और पूरी रकम जब्त करने के नाम पर लूट लेते थे।

डर का फायदा उठाकर फरार

पीड़ित यह सोचकर शिकायत नहीं करता था कि वह खुद अवैध सौदे में शामिल था। इसी मनोवैज्ञानिक दबाव का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो जाते थे।

जांच का दायरा बढ़ा

छापेमारी में हथियार और कारतूस मिलने के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क के बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़े होने की भी जांच कर रही है। बरामद मोबाइल, वाहन और दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

SDPO जितेश पांडेय ने कहा कि जांच पूरी होने और बरामद सामान की पुष्टि के बाद ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी। पुलिस जल्द ही प्रेस वार्ता के माध्यम से पूरे मामले का खुलासा कर सकती है।

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