बिहार सरकार की बड़ी घोषणा: पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए नई योजनाएं, टीआरई-4 से 478 शिक्षकों की होगी नियुक्ति

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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, विदेश में पढ़ाई, छात्रवृत्ति और आवासीय विद्यालयों को मिलेगा बढ़ावा

पटना: बिहार सरकार ने पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की है। बुधवार को पत्रकार वार्ता में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद ने बताया कि सरकार शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, छात्रवृत्ति और छात्र कल्याण को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल शुरू करने जा रही है।

टीआरई-4 के तहत 478 शिक्षकों की होगी नियुक्ति

मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस-टू उच्च विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए टीआरई-4 के तहत 478 रिक्त पदों पर नियुक्ति की अधियाचना भेजी गई है।

इनमें शामिल हैं:

  • 230 उच्च माध्यमिक शिक्षक (पीजीटी)
  • 129 माध्यमिक शिक्षक (टीजीटी)
  • 103 प्रारंभिक शिक्षक (कक्षा 6 से 8)
  • 16 प्रधानाध्यापक

‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ होगी शुरू

सरकार जल्द ही ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अभ्युदय योजना’ शुरू करेगी। इसके तहत मेधावी विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से जेईई, नीट, क्लैट और निफ्ट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सहायता दी जाएगी। विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों को भी वित्तीय अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

नए आवासीय विद्यालय और लैपटॉप योजना

मंत्री ने बताया कि अनुमंडल स्तर पर छात्राओं के लिए 520 सीट क्षमता तथा जिला एवं अनुमंडल स्तर पर छात्रों के लिए 720 सीट क्षमता वाले नए आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे। इसके अलावा छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को 50 हजार रुपये तक की लागत वाला लैपटॉप उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम चल रहा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत:

  • बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर 50 हजार रुपये
  • यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर एक लाख रुपये

मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए सीधे बैंक खाते में दिए जाते हैं।

कई राष्ट्रीय परीक्षाएं भी योजना में शामिल

सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें आईएएस, आईएफएस, सीएपीएफ, सीडीएस, एनडीए/एनए, अन्य राज्यों की सिविल सेवा, बिहार न्यायिक सेवा, आरबीआई ग्रेड-बी, एसबीआई एवं आईबीपीएस पीओ, एलआईसी एएओ, एसएससी और आरआरबी जैसी परीक्षाओं को भी शामिल किया है। इन परीक्षाओं में सफलता पर 30 हजार से एक लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है।

9,224 अभ्यर्थियों को मिला लाभ

रमा निषाद ने बताया कि अब तक इस योजना का लाभ 9,224 अभ्यर्थियों को मिल चुका है। हाल ही में घोषित 70वीं बीपीएससी परीक्षा के अंतिम परिणाम में योजना के 2,095 लाभार्थियों में से 101 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ है।

छात्रवृत्ति राशि हुई दोगुनी

मंत्री ने बताया कि राज्य के सरकारी एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1 से 10 तक पढ़ने वाले पिछड़ा एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना संचालित है। वित्तीय वर्ष 2025-26 से सरकार ने छात्रवृत्ति की वार्षिक राशि दोगुनी कर दी है।

5.37 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला लाभ

मैट्रिक के बाद 11वीं, स्नातक, डिप्लोमा, मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रबंधन तथा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए भी छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 5,37,726 छात्र-छात्राओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है।

पत्रकार वार्ता में विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार भी उपस्थित रहे।

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