रांची, 08 जून: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रांची स्थित विशेष पीएमएलए अदालत से बड़ा झटका लगा है। बड़गाई क्षेत्र में 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अदालत ने उनकी डिस्चार्ज पिटीशन खारिज कर दी है।
अदालत ने क्या कहा
विशेष पीएमएलए कोर्ट के जज योगेश कुमार ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि इस स्तर पर आरोपों को समाप्त करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं और मामले में आगे ट्रायल चलाने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है।
पहले पूरी हुई थी बहस
इस मामले में तीन जून को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और बचाव पक्ष के बीच बहस पूरी हो गई थी, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को उसी पर निर्णय सुनाया गया।
बचाव पक्ष की दलील
मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और ईडी के पास उन्हें सीधे तौर पर जोड़ने वाले ठोस साक्ष्य नहीं हैं। बचाव पक्ष ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला बताया था।
ईडी का आरोप
ईडी का आरोप है कि जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर और अवैध लेन-देन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई। जांच के दौरान एजेंसी ने कई छापेमारी और पूछताछ के बाद चार्जशीट भी दाखिल की है।
अब आगे क्या होगा
डिस्चार्ज पिटीशन खारिज होने के बाद अब मामला ट्रायल की ओर बढ़ेगा। अदालत में नियमित सुनवाई होगी, जिसमें अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य और गवाह पेश करेगा, जबकि बचाव पक्ष अपनी दलीलें रखेगा।
राजनीतिक और कानूनी महत्व
यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें राज्य के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े आरोप शामिल हैं।






