रांची। सीबीएसई 12वीं परीक्षा 2026 में रांची की छात्रा भव्या रंजन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आर्ट्स स्ट्रीम में 99.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रांची स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की छात्रा भव्या को आर्ट्स स्ट्रीम की नेशनल टॉपर माना जा रहा है।
उनकी इस उपलब्धि से स्कूल, परिवार और पूरे शहर में खुशी का माहौल है।
कई विषयों में हासिल किए 100 में 100 अंक
भव्या ने इंग्लिश, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस और पेंटिंग जैसे विषयों में 100 में 100 अंक प्राप्त किए हैं। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की चर्चा अब पूरे झारखंड में हो रही है।
भव्या की सफलता ने यह साबित किया है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
यूपीएससी है भव्या का अगला लक्ष्य
भव्या ने बताया कि अब उनका लक्ष्य सिविल सर्विसेज की तैयारी करना है। उन्होंने कहा कि 29 और 30 मई को उनकी सीयूईटी परीक्षा है, जिसके आधार पर वह दिल्ली के कॉलेज या बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में आगे की पढ़ाई करना चाहती हैं।
उन्होंने कहा कि वह इतिहास विषय से यूजी और पीजी की पढ़ाई के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी करेंगी।

“टारगेट 100 ग्रुप” से मिला फायदा
भव्या ने बताया कि स्कूल की एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. सिमी मेहता के निर्देशन में शुरू किए गए “टारगेट 100 ग्रुप” का उन्हें काफी लाभ मिला।
उन्होंने बताया कि इस ग्रुप में उन छात्रों को शामिल किया जाता है, जिनका लक्ष्य किसी विषय में 100 अंक प्राप्त करना होता है। ग्रुप में प्रतिदिन 100 प्रश्न दिए जाते थे और कठिन सवालों पर शिक्षकों से तत्काल मार्गदर्शन मिलता था।
भव्या ने कहा कि इस पहल ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और तैयारी को आसान बनाया।
10 से 12 घंटे करती थीं पढ़ाई
भव्या के माता-पिता ने बताया कि वह प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती थीं और यह रूटीन अब भी जारी है।
भव्या के पिता राजीव रंजन ने कहा कि उन्होंने बेटी की पढ़ाई के लिए जिंदल जैसी कंपनी की नौकरी छोड़ दी, ताकि उसकी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे सकें।
वहीं उनकी माता बिक्की गांधी, जो पेशे से शिक्षिका हैं, लगातार पढ़ाई में मार्गदर्शन करती रहीं।

स्कूल प्रबंधन ने जताई खुशी
डॉ. सिमी मेहता ने कहा कि “टारगेट 100” और “होल्डिंग हैंड्स” जैसे अभियानों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में स्कूल के रिजल्ट का ग्राफ लगातार बेहतर हुआ है और स्कूल प्रबंधन प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखकर उनकी तैयारी में मदद कर रहा है।





