गिरिडीह, 22 अगस्त । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन के दौरान छात्रों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प और कथित मारपीट को लेकर झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ मारपीट की घटना की पटकथा पहले से तैयार थी और गिरिडीह इस पूरे घटनाक्रम का ‘एपिक सेंटर’ था।
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जुटाए गए कार्यकर्ता : बाबूलाल
गिरिडीह में पत्रकारों से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि गिरिडीह से ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर झामुमो कार्यकर्ताओं को शहर के झंडा मैदान में जुटने के लिए कहा गया था। इसके बाद वहां छात्रों के साथ मारपीट की गई।
उन्होंने कहा कि रामगढ़ से भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें झामुमो कार्यकर्ता की कथित भाषा सुनी जा सकती है। वहीं रांची में छात्राओं के साथ मारपीट का भी आरोप सामने आया है।
‘छात्रों के साथ मारपीट लोकतंत्र के खिलाफ’
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट की घटना बताती है कि झामुमो के लोगों ने कानून को अपने हाथ में लिया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि विरोध करने वालों के साथ मारपीट की जाए। भाजपा की मांग है कि घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।
JSSC-JPSC नियुक्तियों को लेकर फिर गरमाया आंदोलन
JSSC और JPSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर झारखंड में छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों के आंदोलन के बाद राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में JSSC-CGL समेत कई नियुक्तियों को रद्द करने की घोषणा की गई थी। हालांकि, बाद में हाईकोर्ट ने सरकार के इस फैसले को निरस्त कर दिया।
इसके बाद छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। छात्र नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मामलों को लेकर विरोध कर रहे हैं।

गिरिडीह में पुतला दहन को लेकर हुआ विवाद
शुक्रवार को गिरिडीह के झंडा मैदान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने के लिए छात्र जुटे थे। कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री का पुतला भी तैयार किया गया था। इसी दौरान झामुमो के नेता और कार्यकर्ता वहां पहुंच गए।
छात्रों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच पहले नोकझोंक हुई और इसके बाद मारपीट की स्थिति बन गई। छात्रों ने झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। घटना को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।






