हजारीबाग, 22 अगस्त । हजारीबाग के गांधी मैदान में शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन के दौरान छात्रों, पुलिस और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस प्रदर्शन में शामिल लोगों और कार्यक्रम का नेतृत्व करने वालों की पहचान कर रही है। हजारीबाग एसपी अमन कुमार ने कहा कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
पुलिस ने माना, किया गया हल्का बल प्रयोग
एसपी अमन कुमार ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पत्थरबाजी भी की गई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी और पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस मौके के वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।
वीडियो फुटेज से चिन्हित किए जा रहे लोग
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्राथमिकी दर्ज कर आगे अनुसंधान किया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल और कार्यक्रम का नेतृत्व करने वाले लोगों को वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर चिन्हित किया जा रहा है।
रविंद्र राय ने सरकार पर साधा निशाना
इधर, हजारीबाग पहुंचे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राय ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की और झामुमो कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की।
रविंद्र राय ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना हर व्यक्ति का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से छात्रों पर हमला किया और पुलिस ने उन्हें संरक्षण दिया। उन्होंने सरकार पर तानाशाही तरीके से काम करने का आरोप लगाते हुए लोगों से छात्रों के आंदोलन में साथ देने की अपील की।
सांसद मनीष जायसवाल ने की CBI जांच की मांग
हजारीबाग के भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने भी छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की घटना स्वीकार्य नहीं है और भाजपा इसका विरोध करती है।
उन्होंने राज्य सरकार पर छात्रों को लगातार गुमराह करने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। सांसद ने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए।
वहीं, पलामू सांसद बीडी राम ने भी परीक्षा से जुड़े मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
राजनीतिक तूल पकड़ रहा मामला
छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा नेताओं के लगातार बयान और सीबीआई जांच की मांग के बीच आने वाले दिनों में आंदोलन के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।






